
नूर मोहम्मद/ जिला ब्यूरो चीफ/ (सर्वव्यापी)
जिले के टीकरकला क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से विभाग द्वारा बिजली लाइन के “मेंटेनेंस” के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल बनी हुई है। क्षेत्र में बिजली का वोल्टेज लगातार घटने-बढ़ने की समस्या से उपभोक्ताओं का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हाई वोल्टेज और लो वोल्टेज के कारण घरों में लगे टीवी, फ्रिज, मिक्सर, वॉशिंग मशीन, पंखे सहित अन्य महंगे विद्युत उपकरण लगातार खराब हो रहे हैं। इससे लोगों को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की शिकायत कई बार स्थानीय विद्युत कार्यालय और संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नियमित रूप से मेंटेनेंस किया जा रहा है, तो आखिर बिजली आपूर्ति में बार-बार वोल्टेज का उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा है? क्या विभाग पुराने और जर्जर उपकरणों को बदलने के बजाय केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है? यदि नहीं, तो महीनों से बनी इस समस्या का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा?ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सीएसपीडीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि टीकरकला क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का तकनीकी निरीक्षण कर दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों के नुकसान की भरपाई के संबंध में भी उचित कार्रवाई की जाए।*जमीनी पड़ताल जरूरी*यह मामला केवल बिजली आपूर्ति में व्यवधान का नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और आर्थिक नुकसान से भी जुड़ा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि यह जांच की जाए कि संबंधित फीडर, ट्रांसफॉर्मर, न्यूट्रल लाइन, जंपर, अर्थिंग व्यवस्था और वितरण नेटवर्क की वास्तविक स्थिति क्या है, तथा बार-बार वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के लिए तकनीकी रूप से कौन जिम्मेदार है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे बड़े हादसे और अधिक आर्थिक नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।



