
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी,
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार नशा मुक्त युवा फाॅर विकसित भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत रविवार, 2 अगस्त को भारत के माननीय प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कस्तूरबा सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कुमुद शर्मा सहित अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।अपने वर्चुअल संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि युवाओं को नशा और ड्रग्स के ख़तरे को समझकर जागरूक रहना चाहिए। युवाओं को नशे से दूर रखने में राष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान की बड़ी भूमिका है और इस दिशा में काशी की धरती से पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है । यह एक सांस्कृतिक समर्पण का अभियान है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 125 से अधिक आध्यात्मिक संस्थान जुड़े हैं। इसके साथ ही गैर सरकारी संगठनों ने नशा मुक्त अभियान का संकल्प लिया है। आज से देश भर में नशा मुक्त युवा फाॅर विकसित भारत संकल्प अभियान प्रारंभ हुआ है। यह अभियान हर युवा मन को छूने वाला है। आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि आगामी 100 रविवार तक चलने वाले इस अभियान में हर रविवार को कला, संस्कृति, खेल, सेवा और आध्यात्मिक जैसी गतिविधियां आयोजित की जाए। इस अभियान में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी जुड़े हैं। माई भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें एक करोड़ से भी अधिक युवा एक साथ आए हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप इस अभियान के लीडर है। सभी को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप भारत की अमृत पीढ़ी है। यह अभियान 2047 में विकसित भारत की मंजिल तक हमें ले जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को आपकी ऊर्जा, कल्पनाशक्ति और टैलेंट की जरूरत है। नशा फोकस को भटकाता है, हमें इससे दूर रहना चाहिए। नशा शरीर को ही नहीं, मन की मुस्कान भी छीन लेता है इससे राष्ट्र की शक्ति कमजोर होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर युवा को नशे के चंगुल से बचाना है। उन्होंने शिक्षकों से भी आह्वान किया कि आप भी कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स के साथ ड्रग्स के खतरों पर बात करें।नशे के खिलाफ अपने कैम्पस में एक मूवमेंट चलाएं। आपके प्रयास बड़े परिणाम ला सकते हैं। नशे के खिलाफ सरकार के प्रयासों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार भी नशे को लेकर मजबूती के साथ खड़ी है और नशे के कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। ड्रग्स जप्त तक की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मिशन मोड में इस अभियान को चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि आगामी 100 दिन में हर संगठन इसका नेतृत्व करें और नशा मुक्ति को लेकर प्रत्येक रविवार को कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत हर युवा के दिल में यह अभियान पहुंचेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर के शिक्षा संस्थान, स्वयंसेवी संगठन और युवा जुड़े थे। विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र प्रयागराज, कोलकाता और सर्वज्ञ चक्रधर स्वामी मराठी भाषा और तत्वज्ञान अध्ययन केंद्र के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने भी प्रधानमंत्री के इस वर्चुअल संबोधन में सहभागिता की।




