
विकास नंद/ सर्वव्यापी
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय-सीमा की बैठक में पंजीयन कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों एवं संस्थाओं का एग्रीस्टैक पंजीयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए, ताकि धान उपार्जन के दौरान किसी भी किसान या संस्था को परेशानी का सामना न करना पड़े।जिला खाद्य अधिकारी आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय के लिए विभिन्न संस्थाओं, न्यासों, लोक न्यास मंदिर समितियों तथा अन्य सोसायटियों को एग्रीस्टैक पंजीयन से छूट दी गई थी, लेकिन खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से इन सभी संस्थाओं के लिए भी एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि जिन संस्थाओं को पूर्व में छूट प्राप्त थी, वे निर्धारित आवेदन प्रारूप तहसीलदार कार्यालय, संबंधित सहकारी समिति अथवा जिला खाद्य शाखा से प्राप्त कर आवश्यक जानकारी भरकर जमा करें। आवेदन में संस्था के अधिकृत प्रतिनिधि का नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, संस्था का पता, पंजीयन का प्रकार एवं पंजीयन क्रमांक दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही संस्था किस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत है, जैसे सोसायटी पंजीकरण अधिनियम-1860, भारतीय ट्रस्ट अधिनियम-1882, कंपनी अधिनियम, लोक न्यास अधिनियम अथवा अन्य प्रासंगिक अधिनियम, इसका उल्लेख करते हुए संबंधित पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायाप्रति भी संलग्न करनी होगी।खाद्य अधिकारी ने बताया कि आवेदन पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज संबंधित सहकारी समिति, तहसील कार्यालय अथवा जिला खाद्य कार्यालय में जमा किए जाएंगे। इसके आधार पर एग्रीस्टैक पोर्टल में डाटा प्रविष्टि कर लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड जारी किए जाएंगे। जिन नई संस्थाओं ने पिछले वर्ष धान विक्रय नहीं किया था, वे भी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला खाद्य कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।उन्होंने किसानों और संस्थाओं से अपील की कि वे बिना विलंब निर्धारित प्रारूप प्राप्त कर समय पर आवेदन जमा करें। साथ ही जिन किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन पहले से हो चुका है, वे अपने छूटे हुए खसरों को जोड़ने के लिए भी आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।


