
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ, (सर्वव्यापी)
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जल जीवन मिशन के कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित योजनाएं गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं। अरपा सभा कक्ष में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में उन्होंने कहा कि योजनाओं में किसी भी प्रकार कीलापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने आंशिक स्रोत वाली योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना बनाकर शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जल स्रोतों की स्थिति का आकलन करते हुए कहा कि जिनयोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें तत्काल ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को बिना देरी के शुद्ध पेयजल का लाभ मिल सके।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जल स्रोतों के दीर्घकालीन संरक्षण पर भी जोर देते हुए आवश्यकतानुसार नए कुओं के निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने तीनों जनपदों-गौरेला, पेंड्रा एवं मरवाही-के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन (टीपीआई) एजेंसी के समन्वय से पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं का ग्राम पंचायतों को शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजनाओं का संचालन एवं संधारण प्रभावी ढंग से हो सके।
बैठक में सोलर आधारित पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने क्रेडा विभाग को शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सूखे नलकूपों में रिचार्ज स्ट्रक्चर निर्माण तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत सभी योजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही लंबित भुगतान एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में गौतम पड़िभार, दिलेराम डाहिरे, प्रिया सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जल जीवन मिशन केवल पाइपलाइन बिछाने की योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता बदलने का अभियान है।
कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा समय-सीमा, गुणवत्ता और जवाबदेही पर दिया गया विशेष जोर यह संकेत देता है कि प्रशासन अब योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर पूरी क्षमता के साथ उतारने के लिए गंभीर है। यदि इन निर्देशों का प्रभावी पालन होता है, तो जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित पेयजल की सुविधा समय पर मिल सकेगी।




