
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनसहभागिता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मुंगेली जिले को “हरिहर मुंगेली” के रूप में विकसित करने की दिशा में युवा कलेक्टर कुंदन कुमार लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। जिले में व्यापक वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन तथा हरित विकास को जनआंदोलन का स्वरूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं।कलेक्टर कुंदन कुमार स्वयं विभिन्न वृक्षारोपण कार्यक्रमों में उपस्थित होकर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और शासकीय कर्मचारियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। उनका मानना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना ही सच्ची पर्यावरण सेवा है।जिले के विद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, सार्वजनिक स्थलों और सड़क किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों को अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ तथा अन्य विशेष अवसरों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन का यह प्रयास धीरे-धीरे जनअभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है।पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता, जल संरक्षण और हरित विकास की अवधारणा को भी प्रशासनिक योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान संचालित किए जा रहे हैं।यदि यह अभियान इसी गति और जनसहयोग के साथ आगे बढ़ता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब मुंगेली जिला अपनी हरियाली, स्वच्छ वातावरण और पर्यावरणीय जागरूकता के कारण पूरे प्रदेश में “हरिहर मुंगेली” के नाम से नई पहचान स्थापित करेगा। युवा कलेक्टर कुंदन कुमार के नेतृत्व में यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और सुरक्षित भविष्य गढ़ने का संकल्प बनता जा रहा है।



