
विकास नंद/सर्वव्यापी
जिले के किसानों, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों (एफपीओ) और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला पंचायत महासमुंद में एक दिवसीय एक्सपोर्ट ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), रायपुर तथा आनंद एजुकेशन सोसायटी, रायपुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिले की फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और विभिन्न समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के विपणन एवं निर्यात की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर एफपीओ, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ना था। इस दौरान प्रतिभागियों को निर्यातक पंजीकरण, आरसीएमसी प्रमाण-पत्र, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, उत्पाद पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि उनके उत्पादों को बेहतर मूल्य मिल सके।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी ब्रांडिंग के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का लाभ स्वयं लेने के साथ-साथ अन्य उद्यमियों तक भी पहुंचाने का आग्रह किया।कार्यक्रम में एपीडा की ओर से मास्टर ट्रेनर दिनेश सावले (कृषि विकास प्रबंधक), अशोक राय (कंसल्टेंट) एवं प्रेम आनंद राव (फैसिलिटेटर) ने निर्यात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर जिले की विभिन्न फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों, स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य हितग्राहियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।




