
विकास नंद/सर्वव्यापी
महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड में लगातार हो रही बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि एक ओर स्मार्ट मीटर के बाद बिजली बिल में बढ़ोतरी से उपभोक्ता पहले ही परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर रखरखाव (मेंटेनेंस) के नाम पर बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित किए जाने से आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरायपाली नगर में 24 घंटे के भीतर कई बार बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों, विद्यार्थियों और छोटे उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के मौसम के दौरान दर्जनों गांवों में कई-कई दिनों तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए जब विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया जाता है, तब भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाता। इससे लोगों में विभाग की कार्यशैली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की सुस्त मॉनिटरिंग और लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। समय पर मरम्मत कार्य नहीं होने और बार-बार होने वाली अघोषित बिजली कटौती से लोगों में रोष व्याप्त है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ को विद्युत उत्पादन के मामले में सरप्लस पावर वाला राज्य माना जाता है। इसके बावजूद प्रदेश में बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें तथा लगातार बिजली कटौती जैसे मुद्दे राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। विपक्ष भी इन मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है।
क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाने, अनावश्यक कटौती पर रोक लगाने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए विद्युत विभाग प्रभावी कदम उठाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और लोगों का विभाग के प्रति विश्वास कायम रहे।




