
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
बिलासपुर के हरिहर ऑक्सीजोन परिसर में हरिहर ऑक्सीजोन के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं संरक्षकों की गरिमामय उपस्थिति में तीज मिलन समारोह एवं वार्षिक अधिवेशन उत्साह और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन, सामाजिक सहभागिता तथा ऑक्सीजोन की आगामी गतिविधियों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।कार्यक्रम में हरिहर ऑक्सीजोन के संरक्षक अनिल टाह, डॉ. विनोद तिवारी, चरणजीत गंभीर, डॉ. संजय दुबे, सुनील खंडेलवाल, गोविंद राम मिरी, श्रीमती रेखा एवं मदन मोहन गुल्ला, राजेश पांडेय, श्रीमती रेणुका पिंगले, रूपेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं संरक्षकों के स्वागत के साथ हुआ। तीज महापर्व के अवसर पर महिला विंग की सदस्यों को शुभकामनाएं दी गईं तथा उपहारों का आदान-प्रदान किया गया। इस दौरान आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और महिला सम्मान का संदेश दिया गया। पारंपरिक तीज पर्व की संस्कृति के साथ पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का सुंदर समन्वय समारोह में देखने को मिला।नक्षत्र वाटिका प्रोजेक्ट का किया निरीक्षणसमारोह के दौरान हरिहर ऑक्सीजोन परिसर में निर्माणाधीन नक्षत्र वाटिका प्रोजेक्ट का संरक्षकों एवं सदस्यों ने अवलोकन और निरीक्षण किया। इस दौरान प्रोजेक्ट को और बेहतर एवं उपयोगी बनाने के लिए संरक्षकों ने अपने सुझाव और मार्गदर्शन दिए।पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर जोरवार्षिक अधिवेशन में हरिहर ऑक्सीजोन द्वारा किए जा रहे पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण कार्यों की समीक्षा की गई। आगामी वर्ष के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए ऑक्सीजोन की हरियाली को और विकसित करने, पौधों की नियमित देखरेख, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।संरक्षकों ने कहा कि हरिहर ऑक्सीजोन केवल पौधरोपण का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह शहर के लिए पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक जागरूकता और आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। इसके विकास और संरक्षण में सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता है।रूपेश मिश्रा का जन्मदिन भी मनायाकार्यक्रम के दौरान हरिहर ऑक्सीजोन के आजीवन सदस्य रूपेश मिश्रा का जन्मोत्सव भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उपस्थित सदस्यों एवं संरक्षकों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम का संचालन भुवन वर्मा, डॉ. शंकर यादव एवं शिव सारथी ने किया। अंत में संजय वर्मा ने उपस्थित सभी सदस्यों, संरक्षकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।




