
विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नियमित जांच, समय पर उपचार और स्वास्थ्य विभाग की निरंतर निगरानी से टीबी मरीजों के स्वस्थ होने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में महासमुंद शहर के वार्ड क्रमांक 25 निवासी विजय साहू ने टीबी को मात देकर पूरी तरह स्वस्थ होने की मिसाल पेश की है।जिले की 551 ग्राम पंचायतों में से 305 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मरीजों की समय पर पहचान, जांच, नियमित दवा और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श पर विशेष जोर दिया जा रहा है।विजय बताते हैं कि करीब एक वर्ष तक उन्हें लगातार थकावट, काम में अरुचि, खांसी और शाम के समय हल्का बुखार रहता था। निजी चिकित्सकों से उपचार कराने के बावजूद उन्हें पूरी तरह राहत नहीं मिली। इस दौरान वे तंबाकूयुक्त गुटका और शराब का सेवन भी करते थे।इसी बीच वार्ड की मितानिन रेखा साहू ने उन्हें जिला क्षय केंद्र महासमुंद में जांच कराने की सलाह दी। विजय ने केंद्र पहुंचकर थूक की जांच कराई, जिसमें टीबी की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 13 फरवरी 2025 से लगातार छह माह तक नियमित रूप से टीबी की दवाइयां लीं।उपचार के साथ विजय ने पौष्टिक भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल किया।
चिकित्सक और मितानिन की समझाइश के बाद उन्होंने तंबाकूयुक्त गुटका और शराब का सेवन भी पूरी तरह छोड़ दिया। उपचार के दौरान स्वास्थ्य विभाग की नर्स द्वारा नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई और दवा का सेवन जारी रखने के लिए मार्गदर्शन दिया गया।टीबी उपचार के दौरान विजय को पोषण सहायता के रूप में उनके बैंक खाते में दो चरणों में कुल 6 हजार रुपये की राशि भी प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि का उपयोग पौष्टिक भोजन एवं आवश्यक खाद्य सामग्री खरीदने में किया।लगातार उपचार और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने के बाद विजय ने दोबारा जिला क्षय केंद्र में थूक की जांच कराई। 29 मई 2026 को जांच के बाद उन्हें टीबी से पूरी तरह स्वस्थ होने की जानकारी दी गई। आज विजय स्वस्थ हैं और नियमित रूप से अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने नशे का सेवन भी पूरी तरह छोड़ दिया है।विजय का कहना है कि समय पर जांच, नियमित दवा और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने से वे टीबी जैसी बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ हो सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि लगातार खांसी, बुखार, कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें और नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराएं। साथ ही तंबाकू, गुटका और शराब जैसे नशे से दूर रहने की भी अपील की।



