
विकास नंद/ सर्वव्यापी
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने ई-हॉस्पिटल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मरीजों एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आवश्यक डाटा का ऑनलाइन पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से ऑनलाइन डाटा अपडेट करें।
कलेक्टर लंगेह ने जिले में एंटी-रेबीज एवं एंटी-वेनम वैक्सीन की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी आवश्यक स्वास्थ्य केंद्रों में इन वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि कुत्ते अथवा अन्य पशुओं के काटने की स्थिति में लोगों को तत्काल उपचार मिलना जरूरी है, इसलिए वैक्सीन की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने पीएम राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को निःशुल्क उपचार का लाभ दिलाने के लिए अस्पतालों में आवश्यक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि योजना के तहत मरीजों से किसी भी प्रकार की राशि लेना गंभीर अनियमितता मानी जाएगी। अस्पताल द्वारा मरीजों से पैसे लिए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र मरीजों को समय पर उपचार और योजना का पूरा लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मरीजों के हित में सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने और उपचार सेवाओं में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।




