
विकास नंद/ सर्वव्यापी
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के नेतृत्व में जिले में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को नई तकनीक का साथ मिलने जा रहा है। जिला पंचायत सभाकक्ष में नीति आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई अत्याधुनिक ‘नीति तारा’ (टूलकिट फॉर एनालिसिस रिव्यू एंड एक्शन) प्रोजेक्टर डिवाइस का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिवाइस के संचालन और उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने निर्देश दिए कि नीति आयोग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी चिन्हांकित ग्रामों, आकांक्षी विकासखंडों और दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने बताया कि ‘नीति तारा’ एक स्मार्ट डिजिटल प्रोजेक्शन डिवाइस है, जिसके माध्यम से नीति आयोग के पोर्टल, योजनाओं, प्रशिक्षण सामग्री, वीडियो तथा जनजागरूकता संबंधी कंटेंट को केवल एक क्लिक पर प्रदर्शित किया जा सकता है।
नीति आयोग के प्रशिक्षक विजय सोलंकी ने बताया कि महासमुंद जिले को दो डिवाइस उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें एक महासमुंद विकासखंड और दूसरी पिथौरा विकासखंड के लिए दी गई है। डिवाइस में इन-बिल्ट स्पीकर, उच्च गुणवत्ता वाला प्रोजेक्शन सिस्टम तथा लगभग 300 इंच तक का डिस्प्ले उपलब्ध है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ योजनाओं की जानकारी देना आसान होगा।उन्होंने बताया कि यह डिवाइस ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, सामुदायिक सभाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जन-जागरूकता अभियानों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। इंटरनेट उपलब्ध होने पर यह नीति आयोग के डिजिटल पोर्टल से सामग्री प्रदर्शित कर सकती है तथा आवश्यकता पड़ने पर ऑफलाइन सामग्री भी दिखाई जा सकती है। इससे मैदानी अमले को योजनाओं की जानकारी सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
इस पहल का उद्देश्य आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और आधारभूत सेवाओं से जुड़ी योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
डिजिटल माध्यम से जानकारी उपलब्ध होने से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जनभागीदारी को भी नया बल मिलेगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी तथा संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।




