सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के 20 दिन बाद जागा निगम: तिफरा की अंधेरी सड़क पर औपचारिकता की एक स्ट्रीट लाइट वार्ड क्रमांक 5 आर्या कॉलोनी रोड तिफरा में तीन-चार स्ट्रीट लाइट खराब, शिकायत के बाद भी नहीं हुआ पूरा समाधान; कर्मचारियों का दावा—निगम में स्ट्रीट लाइट की कमी, सरकार से उपलब्धता नहीं।

बिलासपुर, भागवत प्रसाद, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी

आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के करीब 20 दिन बाद भी बिलासपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम जोन क्रमांक 02 तिफरा कार्यालय अंतर्गत वार्ड क्रमांक 5 आर्या कॉलोनी रोड तिफरा में पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार तरुण कौशिक के निवास के पास तीन से चार स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब पड़ी हुई थीं। मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई, लेकिन करीब 20 दिन बाद निगम अमले ने पहुंचकर पूरे क्षेत्र की समस्या का समाधान करने के बजाय मात्र एक स्ट्रीट लाइट लगाकर अपनी औपचारिकता पूरी कर दी।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब किसी शिकायतकर्ता को सीएम हेल्पलाइन जैसे उच्चस्तरीय जनसमस्या निवारण मंच का सहारा लेना पड़े और उसके बाद भी समाधान अधूरा रह जाए, तो आम नागरिकों की शिकायतों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। आर्या कॉलोनी रोड तिफरा में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों के कारण रात के समय सड़क पर अंधेरा छाया रहता था, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।शिकायत के बाद जब नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में खराब पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। लेकिन कर्मचारियों द्वारा केवल एक स्ट्रीट लाइट लगाई गई। शेष खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या जस की तस बनी रही।मौके पर मौजूद निगम कर्मचारियों ने कथित तौर पर बताया कि नगर निगम के पास स्ट्रीट लाइट की कमी है और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कर्मचारियों का कहना था कि जब विभाग के पास सामग्री ही सीमित है तो वे क्या कर सकते हैं। कर्मचारियों का यह कथन अपने आप में नगर निगम की व्यवस्थाओं और संसाधन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नगर निगम के पास स्ट्रीट लाइटों की कमी है तो शहर के अलग-अलग वार्डों में खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान आखिर किस प्रकार किया जा रहा है? क्या केवल सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों पर भी अधूरी कार्रवाई कर शिकायत बंद करने की औपचारिकता निभाई जा रही है? यदि एक शिकायत के समाधान में 20 दिन लग जाते हैं और उसके बाद भी केवल एक स्ट्रीट लाइट लगाकर मामला निपटाने का प्रयास होता है, तो नागरिकों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो जाती है।स्ट्रीट लाइट केवल प्रकाश व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ विषय है। अंधेरे मार्गों पर दुर्घटना, असामाजिक गतिविधियों और राहगीरों की असुरक्षा की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत व्यवस्था के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है।आर्या कॉलोनी रोड तिफरा का यह मामला अब नगर निगम बिलासपुर की जवाबदेही और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के वास्तविक निराकरण पर सवाल खड़ा कर रहा है। स्थानीय नागरिकों की अपेक्षा है कि केवल एक स्ट्रीट लाइट लगाकर औपचारिकता पूरी करने के बजाय क्षेत्र की सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र दुरुस्त किया जाए और नगर निगम स्पष्ट करे कि आखिर शहर में स्ट्रीट लाइटों की कमी क्यों बनी हुई है तथा इसके लिए जिम्मेदार कौन है।अब सवाल यह है कि क्या नगर निगम बिलासपुर वार्ड क्रमांक 5 की बाकी खराब स्ट्रीट लाइटों को भी शीघ्र दुरुस्त करेगा, या फिर एक स्ट्रीट लाइट लगाकर 20 दिन पुरानी शिकायत को सफलतापूर्वक निपटाने का दावा कर दिया जाएगा?




