Newsछत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पत्रकार संगठनों की भरमार, फिर भी पत्रकार उपेक्षित क्यों..? तरुण कौशिक ने उठाई,आवाज—सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ।

कोरिया, धनीलाल, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ में पत्रकारों के हितों और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से विभिन्न पत्रकार संगठन गठित हैं, लेकिन इसके बावजूद पत्रकारों की समस्याएं और उनकी उपेक्षा का सवाल आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर जब प्रदेश में पत्रकारों के हितों की पैरवी करने वाले अनेक संगठन मौजूद हैं, तो फिर पत्रकारों को अपनी जायज मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ता है? यह सवाल सर्वव्यापी अखबार एवं वेबपोर्टल के प्रधान संपादक तथा ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तरुण कौशिक ने उठाया है।तरुण कौशिक का कहना है कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने या प्रसारित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। पत्रकार दिन-रात मेहनत करके समाज की समस्याओं, आम जनता की परेशानियों और व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाते हैं। इसके बावजूद जब पत्रकार स्वयं अपनी समस्याओं, सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठाने को मजबूर होते हैं, तब पत्रकार संगठनों की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है।उन्होंने कहा कि पत्रकार संगठनों का गठन केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति, सदस्यता बढ़ाने अथवा कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान उसके पदाधिकारियों की संख्या से नहीं, बल्कि पत्रकारों के संकट के समय उनके साथ खड़े होने, उनकी समस्याओं को जिम्मेदारीपूर्वक उठाने और उनके हितों की रक्षा के लिए किए जाने वाले प्रयासों से होती है। यदि पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए गठित संगठन ही जरूरत के समय प्रभावी भूमिका नहीं निभा पाते, तो संगठन की सार्थकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।तरुण कौशिक ने कहा कि ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ छत्तीसगढ़ पूरे प्रदेश में पत्रकारों की एकजुटता स्थापित करने और उनके हितों के लिए कार्य करने के उद्देश्य से वचनबद्ध है। संघ का प्रयास है कि पत्रकार चाहे किसी भी जिले, तहसील, कस्बे या ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत हों, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके समाधान के लिए संगठित होकर आवाज उठाई जाए। पत्रकारों के बीच आपसी समन्वय, सहयोग और एकता को मजबूत करना समय की आवश्यकता है, क्योंकि बिखरी हुई आवाज की तुलना में एकजुट होकर उठाई गई आवाज अपनी बात अधिक प्रभावी ढंग से सामने रख सकती है।उन्होंने आगे कहा कि पत्रकारों के हितों की रक्षा किसी एक संगठन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी पत्रकार संगठनों का साझा दायित्व होना चाहिए। संगठनों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा या पद-प्रतिष्ठा की भावना से ऊपर उठकर पत्रकारों की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता देना जरूरी है। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों, आर्थिक परेशानियों और उनके अधिकारों से जुड़े विषयों पर सभी संगठनों को मिलकर ठोस पहल करनी चाहिए। जब पत्रकार संगठित होकर अपनी समस्याओं को सामने रखेंगे, तभी उनके समाधान की दिशा में सार्थक प्रयासों को गति मिल सकेगी।तरुण कौशिक के अनुसार, पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और पत्रकारों की स्वतंत्रता, निष्पक्षता तथा सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी आवश्यक है। ऐसे में पत्रकारों की समस्याओं को केवल व्यक्तिगत परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पत्रकारों के हितों से जुड़े विषयों पर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना, उनकी जायज मांगों को उचित मंच तक पहुंचाना और आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना पत्रकार संगठनों की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ छत्तीसगढ़ पत्रकारों के हितों को केंद्र में रखकर प्रदेशभर में एकजुटता का वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। संघ का उद्देश्य पत्रकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी समस्याओं को खुलकर रख सकें और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें। संगठन का मानना है कि पत्रकारों की एकता ही उनकी सामूहिक शक्ति है और इस शक्ति का उपयोग किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के बजाय पत्रकारिता जगत के व्यापक हित में किया जाना चाहिए।अंततः तरुण कौशिक ने पत्रकारिता जगत से जुड़े साथियों और विभिन्न पत्रकार संगठनों से आत्ममंथन करने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय केवल संगठन बनाने और पदों की घोषणा करने का नहीं, बल्कि पत्रकारों के बीच विश्वास कायम करने और उनके हितों के लिए जमीन पर उतरकर काम करने का है। पत्रकारों की समस्याओं को लेकर गंभीरता, संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय देना ही किसी संगठन की वास्तविक उपलब्धि होगी। उन्होंने दोहराया कि ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के पत्रकारों की एकजुटता, सम्मान और हितों के लिए अपनी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा, ताकि पत्रकारों की आवाज को मजबूती मिले और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में सार्थक पहल हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!