
विकास नंद/सर्वव्यापी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय-सीमा की बैठक में सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों की विशेष समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एल-1 स्तर पर प्राप्त शिकायतों का 7 से 10 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक प्रकरणों का समाधान प्रथम स्तर पर ही करने के निर्देश दिए।कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सुबह 10 बजे आयोजित बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए। अधिकारियों को शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण कर प्रकरण बंद करने के बजाय आवेदक की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि एल-1 स्तर पर प्राप्त प्रकरणों के लिए निर्धारित 7 से 10 दिवस की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। संबंधित विभाग नियमित रूप से सीएम हेल्पलाइन पोर्टल का अवलोकन करें और नई प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई शुरू करें, ताकि प्रकरण अनावश्यक रूप से उच्च स्तर तक लंबित न रहें।उन्होंने कहा कि शिकायत के निराकरण की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी समय-सीमा। आवेदक की समस्या का परीक्षण कर तथ्यात्मक, संतोषजनक और गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। संबंधित विभाग अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी करें और समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित करें।बैठक में जिला पंचायत की सीईओ अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।इस दौरान विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर लंगेह ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए आमजन से जुड़े मामलों के त्वरित, प्रभावी और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।




