
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ(सर्वव्यापी)
पेंड्रारोड़ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के कार्मिक विभाग द्वारा रेल कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उनके स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के उद्देश्य से पेंड्रारोड़ रेलवे स्टेशन में कर्मचारी शिकायत निवारण शिविर एवं मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में रेल कर्मचारियों ने भाग लेकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया और अपनी सेवा संबंधी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।यह शिविर वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, बिलासपुर डॉ. अंशुमन मिश्रा के निर्देश पर आयोजित किया गया। मेडिकल टीम ने कर्मचारियों का ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए तथा जरूरतमंद कर्मचारियों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया।
मेडिकल कैंप में डॉ. संतोष, एल्विन टोप्पो एवं विनायक साहू ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। वहीं कार्मिक विभाग की ओर से मुख्य कर्मचारी कल्याण निरीक्षक ग्यासीराम, कर्मचारी कल्याण निरीक्षक विवेकानंद सा, कर्मचारी कल्याण निरीक्षक (रनिंग) बलराम श्रीवास तथा मुख्य स्टेशन अधीक्षक पेंड्रारोड़ संजीत पासवान उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने ऑपरेटिंग, कमर्शियल, सिग्नल, इंजीनियरिंग एवं रनिंग स्टाफ के वेतन, पदोन्नति, बिल भुगतान तथा अन्य सेवा संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए शिकायतें दर्ज कीं और उनके शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया।इस आयोजन को सफल बनाने में मान्यता प्राप्त संगठन साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर कांग्रेस, बिलासपुर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संगठन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण राव तथा पेंड्रारोड़ शाखा सचिव एन. हेमंत कुमार ने कर्मचारियों को शिविर में आने के लिए प्रेरित किया तथा उनकी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने में सहयोग किया।शिविर के उपरांत कार्मिक विभाग के अधिकारियों एवं मजदूर कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने रनिंग रूम का निरीक्षण किया।
इस दौरान रनिंग कैंटीन में रेल कर्मचारियों के लिए उपलब्ध भोजन एवं अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया, ताकि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। रेल कर्मचारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से स्वास्थ्य संबंधी जांच के साथ-साथ सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी अधिकारियों तक सीधे अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिलता है। रेलवे प्रशासन की इस पहल को कर्मचारियों के हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।




