
विकास नंद (सर्वव्यापी)

धान खरीदी में पिछले वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन और अवैध धान कारोबार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई के बाद महासमुंद जिला प्रशासन इस बार भी पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर गया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर खरीफ विपणन वर्ष 2026 की धान खरीदी शुरू होने से पहले ही अवैध धान परिवहन, भंडारण और बिचौलियों की गतिविधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी का लाभ केवल वास्तविक किसानों को मिले और बाहरी धान खपाने की किसी भी कोशिश को सफल न होने दिया जाए।
पिछले खरीफ विपणन वर्ष में महासमुंद जिले में 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई थी। वहीं अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 399 प्रकरणों में 1.69 लाख क्विंटल धान जब्त किया था। बड़े पैमाने पर धान उपार्जन के साथ अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए प्रशासन की सक्रियता भी पिछले वर्ष चर्चा में रही।
इस बार खरीदी से पहले ही एक्शन मोड में प्रशासन
पिछले वर्ष के अनुभवों को देखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस बार भी धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और सुचारू बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। उनके निर्देश पर संबंधित विभागों के अधिकारी अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए सतत निगरानी कर रहे हैं। संदिग्ध वाहनों और धान के अवैध आवागमन पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सरायपाली में 8 जांच चौकियां, 8 बिचौलियों पर कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देशानुसार सरायपाली अनुविभाग में 8 जांच चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से धान परिवहन पर निगरानी रखी जा रही है। अवैध रूप से धान का परिवहन करते पाए गए 8 बिचौलियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन इस बार खरीदी प्रक्रिया शुरू होने के बाद गड़बड़ी सामने आने का इंतजार करने के बजाय पहले से ही रोकथाम की रणनीति पर काम कर रहा है।
ओडिशा सीमा से लगे मार्गों पर विशेष निगरानी
महासमुंद जिला ओडिशा की सीमा से लगा होने के कारण यहां अवैध धान परिवहन रोकना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। सीमावर्ती मार्गों से दूसरे राज्यों का धान लाकर स्थानीय खरीदी केंद्रों में खपाने की आशंका को देखते हुए जांच चौकियों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रहे और खरीदी व्यवस्था किसी भी तरह प्रभावित न हो।
किसानों के हक पर बिचौलियों की सेंधमारी रोकना लक्ष्य
धान खरीदी जिले के किसानों की आर्थिक समृद्धि से सीधे जुड़ी है। ऐसे में अवैध धान कारोबार पर नियंत्रण केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि वास्तविक किसानों के हितों की सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में इस बार भी प्रशासन ने खरीदी शुरू होने से पहले निगरानी का मोर्चा संभाल लिया है।
पिछले वर्ष 399 प्रकरणों में 1.69 लाख क्विंटल धान की जब्ती और इस वर्ष शुरुआती दौर में ही 8 बिचौलियों पर कार्रवाई से प्रशासन की सक्रियता सामने आई है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जिले में धान खरीदी के पूरे सीजन के दौरान निगरानी और कार्रवाई कितनी प्रभावी रहती है।



