
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,(सर्वव्यापी)
जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने गुरुवार को कोटमी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान डीईओ ने विभिन्न कक्षाओं में चल रहे अध्यापन कार्य का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली।
इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य एस.के. सिंह बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जांच में विद्यालय परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहीं पिछले शैक्षणिक सत्र का परीक्षा परिणाम भी निराशाजनक रहा।
इन सभी बिंदुओं पर डीईओ ने गहरी नाराजगी जताते हुए विद्यालय प्रबंधन को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान वित्तीय प्रबंधन में भी गंभीर अनियमितता सामने आई। विद्यालय में कैश बुक का नियमित संधारण नहीं किया जा रहा था, जबकि विद्यार्थियों से प्राप्त फीस राशि बैंक खाते में जमा करने के बजाय शिक्षकों के पास रखी जा रही थी।
इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए वित्तीय नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।शिक्षकों की डेली डायरी की भी जांच की गई, जिसमें अध्यापन संबंधी बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख नहीं पाया गया।
इस पर संबंधित शिक्षकों को फटकार लगाते हुए प्रतिदिन पढ़ाए जाने वाले विषयों एवं पाठ्यवस्तु का विस्तृत और स्पष्ट विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए।जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समयबद्ध उपस्थिति, वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासित कार्यसंस्कृति सुनिश्चित करना प्रत्येक शिक्षक और अधिकारी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासकीय विद्यालयों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या वित्तीय अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।निरीक्षण के दौरान साक्षरता नोडल अधिकारी आलोक शुक्ला एवं बीआरसी संतोष सोनी भी उपस्थित रहे।




