
विकास नंद/ सर्वव्यापी
देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वीर जवानों की स्मृति में महासमुंद पुलिस ने अनूठी पहल की। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित 11 दिवसीय कार्यक्रमों की कड़ी में 30 अक्टूबर को शहर के लोहिया चौक में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ देशभक्ति गीत संध्या का आयोजन किया गया। देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से पूरा लोहिया चौक राष्ट्रप्रेम और शहीदों के सम्मान के भाव से गूंज उठा।कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद स्थानीय गायन कलाकारों, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और बाल कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित नागरिकों को भावविभोर कर दिया। हर प्रस्तुति में देश के वीर जवानों के त्याग, साहस और बलिदान के प्रति सम्मान का भाव झलकता रहा।
स्थानीय कलाकार कमलजीत सिंह गुरुदत्ता, केशव शर्मा, पंकज सोनी, वीरेन्द्र दीवान, संजय सेन (जीवतरा), अरविंद दास प्राहणी एवं अमित ऋषिकर ने अपनी गायन प्रस्तुतियों से समां बांधा। वहीं पुलिस विभाग की ओर से सउनि. सुधीर सिंह ठाकुर, आरक्षक कामता आवड़े, आरक्षक नूतन पटेल, आरक्षक तामेन्द्र साहू एवं आरक्षक पवन सिंह ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। बाल कलाकार निकुंज श्रीवास्तव, भिनु पटेल, मानवी निषाद एवं आरवी देवांगन ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी राहुल चन्द्राकर एवं पार्षद राजेन्द्र राजू चन्द्राकर उपस्थित रहे। नगर के गणमान्य नागरिकों ने भी आयोजन में सहभागिता निभाई। पुलिस विभाग की ओर से उप पुलिस अधीक्षक ललिता मेहर, पीसी सुन्दरलाल चौधरी, उप निरीक्षक बालमुकुंद साहू, प्रशिक्षु सूबेदार ईश्वर साहू, कौशल यादव एवं अनिल यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन आरक्षक विजय साहू ने किया। समापन अवसर पर पुलिस विभाग की ओर से बालमुकुंद साहू ने अतिथियों, नगरवासियों, कलाकारों तथा आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शहीदों के प्रति कृतज्ञता का संदेश‘एक शाम शहीदों के नाम’ केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भावपूर्ण माध्यम बना। देशभक्ति गीतों के जरिए शहीदों की शौर्यगाथा और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कार्यक्रम ने नागरिकों में राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति समर्पण का संदेश दिया।




