
विकास नंद/ सर्वव्यापी

वन परिक्षेत्र बागबाहरा के कोमाखान परिक्षेत्र अंतर्गत नर्रा परिसर के ग्राम झिटकी में एक तेंदुए ने देर रात एक ही परिवार के छह लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। घटना के बाद परिवार के सदस्यों ने तेंदुए को घर के अंदर ही सुरक्षित रूप से बंद कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रात से ही मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था संभाली।बताया गया कि घटना रात करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई। तेंदुए के हमले में घायल सभी छह लोगों को तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय महासमुंद भेजा गया। घायलों में उत्तरी बाई, सुनीता यादव और मनीष यादव की चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है।घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य वन संरक्षक मणिवासगण एस. ने जिला अस्पताल महासमुंद पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर लगातार निगरानी बनाए रखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।सुरक्षित तरीके से किया गया तेंदुए का रेस्क्यूवन विभाग की रेस्क्यू टीम ने आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ घर में बंद तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट टीम द्वारा तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर अन्यत्र ले जाया गया है।रेस्क्यू अभियान के दौरान वनमंडलाधिकारी महासमुंद श्रीनिवास तनेटी, उपवनमंडलाधिकारी गोविंद सिंह, वन परिक्षेत्र अधिकारी बागबाहरा नवीन वर्मा सहित बागबाहरा परिक्षेत्र के वन कर्मचारी एवं रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद रही।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में सतत निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे रात के समय विशेष सावधानी बरतें, अकेले जंगल या सुनसान क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा किसी भी वन्यप्राणी की मौजूदगी अथवा गतिविधि दिखाई देने पर स्वयं उसके पास जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।वन विभाग ने राज्य शासन के वनमंत्री केदार कश्यप, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पांडे तथा पीसीसीएफ (वन्यजीव) ओ.पी. यादव के निर्देशन में रेस्क्यू कार्रवाई को अंजाम दिया।




