
करगीरोड़ कोटा,रामनारायण यादव, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव का ससुराल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव का विधानसभा क्षेत्र कोटा इन दिनों बिजली की आंखमिचौली से परेशान है। कोटा नगर मुख्यालय के रहवासी घंटों बिजली गुल रहने की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति ने आम नागरिकों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है, वहीं विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।हैरानी की बात यह है कि राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पहचान रखने वाले कोटा नगर में ही यदि नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। घंटों बिजली बंद रहने से घरेलू कामकाज, व्यापारिक गतिविधियां, छोटे दुकानदारों और बिजली पर निर्भर व्यवसायों को परेशानी उठानी पड़ रही है।नगरवासियों का सवाल है कि आखिर बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को आम जनता की परेशानियां दिखाई नहीं देतीं? बार-बार बिजली गुल होने और लंबे समय तक आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।एक तरफ सरकार बेहतर विद्युत व्यवस्था और आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ कोटा नगर मुख्यालय के नागरिक घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और स्थानीय विधायक अटल श्रीवास्तव की राजनीतिक पहचान के बीच कोटा की बिजली व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई है।अब सवाल यह है कि क्या उपमुख्यमंत्री के ससुराल और कांग्रेस विधायक के विधानसभा क्षेत्र कोटा की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस पहल करेंगे, या नगरवासियों को इसी तरह बिजली की आंखमिचौली झेलनी पड़ेगी?जनता की मांग है कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल संज्ञान लें, बिजली आपूर्ति बाधित होने के वास्तविक कारणों की जांच कराएं और कोटा नगर को नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें।




