
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,गौरेला-(सर्वव्यापी)
बस्तर जिले में अपनी उल्लेखनीय सफलता का परचम लहराने वाले शासकीय कोचिंग सेंटर “ज्ञान गुड़ी” की तर्ज पर अब जीपीएम जिले में भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग की शुरुआत होने जा रही है। कलेक्टर विजय दयाराम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राचार्यों एवं विषय विशेषज्ञ व्याख्याताओं के साथ बैठक लेकर इस महत्वाकांक्षी पहल को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य तथा 51 व्याख्याता उपस्थित रहे। बैठक में कोचिंग सेंटर के संचालन, शिक्षकों की उपलब्धता, अध्ययन सामग्री, नियमित टेस्ट तथा विद्यार्थियों के चयन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।कलेक्टर ने कहा कि “ज्ञान गुड़ी” के माध्यम से जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को JEE, NEET, PMT, PAT, PET तथा नर्सिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च गुणवत्ता वाली निःशुल्क तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए अनुभवी शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी, बेहतर स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा और नियमित मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाएगी।दरअसल, वर्तमान कलेक्टर विजय दयाराम ने बस्तर में पदस्थापना के दौरान “ज्ञान गुड़ी” की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की थी। पहले ही सत्र में इस संस्थान से 64 विद्यार्थियों ने नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। दूसरे सत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए बस्तर संभाग के सातों जिलों सहित प्रदेश के अन्य जिलों के विद्यार्थियों ने भी प्रवेश लिया, जहां निर्धारित 120 सीटों के विरुद्ध 150 विद्यार्थियों ने अध्ययन किया। इस बैच से भी 47 विद्यार्थियों ने नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर संस्थान की उपयोगिता सिद्ध की।इसी सफलता को जीपीएम जिले में दोहराने के उद्देश्य से कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक तौर पर गुरुकुल विद्यालय में दो कमरों का चयन कर लिया है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को शासन को प्रस्ताव भेजने तथा कोचिंग सेंटर प्रारंभ होने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल से जिले के आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को महंगी निजी कोचिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शिक्षा जगत का मानना है कि “ज्ञान गुड़ी” जीपीएम के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का नया द्वार साबित हो सकती है।




