
विकास नंद/सर्वव्यापी
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव का 23 सितंबर को सरायपाली आगमन प्रस्तावित है। उनके आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नई मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री द्वारा जल प्रदाय योजना के तहत अमृत 2.0 समेत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा।उपमुख्यमंत्री के आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह के साथ विकास की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। लंबे समय से सड़क, पेयजल और नगरीय सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर उठती रही मांगों के बीच अब जनता की नजरें स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर रहेंगी कि वे क्षेत्र की लंबित समस्याओं और विकास संबंधी मांगों को उपमुख्यमंत्री के समक्ष कितनी मजबूती से रखते हैं।पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में अमृत 2.0सरायपाली में पेयजल व्यवस्था लंबे समय से प्रमुख स्थानीय मुद्दों में शामिल रही है। इससे पहले सरायपाली पहुंचे उपमुख्यमंत्री अरुण साव के समक्ष स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की पेयजल समस्या को प्रमुखता से रखा था। इसके बाद अमृत जल योजना से संबंधित कार्य को स्वीकृति मिली। अब अमृत 2.0 के तहत होने वाले कार्यों के भूमिपूजन से लोगों को पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
सड़कों की स्थिति भी बनेगी बड़ा मुद्दा
सरायपाली क्षेत्र में सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को लेकर भी लोगों की अपेक्षाएं बनी हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कों की स्थिति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के सुधार, मरम्मत और निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार मांगें सामने आती रही हैं।इसी तरह जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता, गति और जमीनी क्रियान्वयन को लेकर भी शिकायतें उठती रही हैं। ऐसे में उपमुख्यमंत्री के दौरे के दौरान इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाए जाने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों के सामने मांगें रखने का बड़ा अवसर
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा लोक निर्माण विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी होने के कारण क्षेत्रवासियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। ऐसे में सरायपाली की सड़क, पेयजल, नगरीय सुविधाओं और अन्य बुनियादी जरूरतों से जुड़ी मांगों को शासन के समक्ष रखने का यह महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
अब जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि जनप्रतिनिधि सरायपाली की कितनी लंबित मांगों को उपमुख्यमंत्री के सामने रखते हैं और उनमें से कितनी मांगों को शासन स्तर पर मंजूरी मिलती है। भूमिपूजन और लोकार्पण के साथ क्षेत्रवासियों की अपेक्षा यह भी है कि स्वीकृत विकास कार्य समयबद्ध तरीके से और गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतरें।




