
विकास नंद/सर्वव्यापी
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में सांसद रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में सांसद चौधरी ने जिले में सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों, दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, दुर्घटना नियंत्रण के उपायों तथा यातायात जागरूकता अभियान की समीक्षा की। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ओवर स्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय चालक स्वयं के साथ-साथ अन्य यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने ओवरलोडेड वाहनों पर नियमित कार्रवाई करने तथा खनिज परिवहन में लगे वाहनों को तिरपाल से ढंककर परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्कूल-कॉलेजों में हेलमेट पालन की जिम्मेदारी प्राचार्यों की
सांसद चौधरी ने कहा कि शासकीय एवं निजी हाईस्कूल-कॉलेजों में दोपहिया वाहनों से आने वाले 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों द्वारा हेलमेट का उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए संबंधित संस्थाओं के प्राचार्य जिम्मेदार होंगे। स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को नहीं बैठाने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से भी दोपहिया वाहन से कार्यालय आने पर हेलमेट पहनने की अपील की तथा नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
ब्लैक स्पॉट और खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने के निर्देश
बैठक में ब्लैक स्पॉट, टर्निंग पॉइंट एवं दुर्घटनाजन्य स्थानों पर रात्रि प्रकाश व्यवस्था, स्पीड लिमिट बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, कैमरा और रोड मार्किंग जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। पीडब्ल्यूडी एवं नेशनल हाईवे के अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुरूप ही स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए।नेशनल हाईवे, लोक निर्माण विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य सड़क विकास निगम के अधिकारियों को तिराहा, चौराहा, स्टेट एवं नेशनल हाईवे के मोड़, खुले पुल-पुलिया तथा खतरनाक मोड़ों पर संकेतक साइन बोर्ड एवं हाईमास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए। कॉलेजों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमित यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
पीएम राहत और राहवीर योजना का करें व्यापक प्रचार-प्रसार
बैठक में जिला परिवहन अधिकारी ने पीएम राहत एवं राहवीर योजना की जानकारी दी। बताया गया कि पीएम राहत योजना के तहत सामान्य मामलों में दुर्घटना के बाद प्रारंभिक 24 घंटे तथा गंभीर एवं जीवनरक्षक उपचार की आवश्यकता वाले मामलों में 48 घंटे तक तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है।राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए स्वेच्छा से सहायता करने वाले पात्र मददगार को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। घायल को दुर्घटना के एक घंटे के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है। मददगार को पुलिस पूछताछ, कानूनी झंझट एवं अनावश्यक परेशानी से सुरक्षा का प्रावधान भी बताया गया। सांसद ने दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर 24,876 कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से 20 सितम्बर 2026 तक बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों के विरुद्ध 24,876 प्रकरण दर्ज कर 1 करोड़ 24 लाख 70 हजार 300 रुपये समन शुल्क वसूला गया है। वहीं बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वाले 457 वाहन मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2 लाख 28 हजार 500 रुपये समन शुल्क वसूला गया।उन्होंने बताया कि पीएम राहत योजना के तहत जिले में अब तक 47 प्रकरण प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 30 प्रकरणों को अप्रूवल किया जा चुका है।
आवारा मवेशियों को हटाने दिन-रात टीमें तैनात
राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर आवारा मवेशियों को हटाने के लिए दिन में 41 तथा रात्रि में 16 टीमें कार्यरत हैं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर 8 टीमें लगातार सड़कों पर बैठे एवं घूमने वाले मवेशियों को हटाने का कार्य कर रही हैं।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले 49 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां कुल 4 लाख 80 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। जिले में पांच नवीन ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित किए गए हैं, जहां लोक निर्माण विभाग एवं एनएचएआई द्वारा आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं।बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, यातायात नियमों का प्रभावी पालन कराने तथा चिन्हित दुर्घटनाजन्य स्थलों पर तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।




