
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

मरवाही क्षेत्र में बुधवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बिना पूर्व सूचना के शासकीय विद्यालयों और जनपद पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने स्कूलों में पहुंचकर जहां शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी, वहीं विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर पढ़ाई का स्तर जाना। दूसरी ओर, निर्माण कार्यों में सामने आई अनियमितता पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए आहरित राशि की वसूली के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए।कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि शासकीय योजनाओं और निर्माण कार्यों में लापरवाही, वित्तीय नियमों की अनदेखी तथा गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विद्यार्थियों से सीधे सवाल, सामने आई पढ़ाई की हकीकत
कलेक्टर ने शासकीय हाई स्कूल करहनी की कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम और विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल किए। उन्होंने बच्चों की विषयगत समझ, पठन-पाठन के स्तर और शैक्षणिक प्रगति को करीब से परखा।विद्यार्थियों से सीधे संवाद के दौरान कलेक्टर ने उनकी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी ली और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूरा हो और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में लगातार सुधार दिखाई दे।कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों में भी स्पष्ट संदेश गया।
निर्माण कार्य में गड़बड़ी मिली तो कलेक्टर ने दिखाई सख्ती
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परासी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल में निर्मित किए जा रहे अतिरिक्त कक्ष के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। कार्य पूर्ण होने से पहले ही राशि आहरित किए जाने की स्थिति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और मामले को गंभीरता से लेते हुए आहरित राशि की वसूली के लिए एसडीएम मरवाही को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।कलेक्टर की सख्ती से स्पष्ट हो गया कि सरकारी राशि और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी को प्रशासन नजरअंदाज नहीं करेगा।
पंचायत सचिवों की बैठक लेकर लंबित कार्यों पर कसा शिकंजा
इसके बाद कलेक्टर ने जनपद पंचायत कार्यालय में ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक ली। उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और निर्माण कार्यों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।उन्होंने सचिवों को निर्देश दिए कि सभी लंबित निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने की बात भी कही।कलेक्टर ने दो टूक कहा कि शासकीय निर्माण कार्यों में वित्तीय नियमों की अनदेखी, लापरवाही अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा अनियमितता मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण से साफ संदेश-काम में लापरवाही तो कार्रवाई तय
मरवाही क्षेत्र में कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण को प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता से लेकर पंचायतों के निर्माण कार्यों तक कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जांची और जहां खामी मिली, वहां तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर के सख्त तेवरों से यह संदेश स्पष्ट है कि सरकारी योजनाओं में खानापूर्ति और शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितता अब किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं की जाएगी।




