
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर प्रदेश के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समृद्ध, विकसित, खुशहाल और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय निकाय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख मिलनी मिलनी चाहिए। नगरीय विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाना समय की आवश्यकता है। बेहतर पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मजबूत शहरी अधोसंरचना विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण पहचान बनेंगी।खनिज संपदा का पारदर्शी उपयोग और जनकल्याणकारी विकास जरूरीमुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज विभाग के सचिव वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पी. दयानंद ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना यहां के जनमानस के सपनों, संघर्षों, स्वाभिमान और विकास की आकांक्षाओं को नई पहचान देने वाला गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण ताकत है। इन संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण, पारदर्शी और सतत उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि इससे प्राप्त राजस्व का लाभ प्रदेश के विकास, आधारभूत संरचना, जनकल्याण और स्थानीय समुदायों तक पहुंचे। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और भावी पीढ़ियों के हितों का ध्यान रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समग्र विकास, जनकल्याण और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में प्रतिबद्ध है। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है।चारों अधिकारियों का संदेश : विकास में हर नागरिक की भागीदारी जरूरीचारों वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के शुभकामना संदेशों में एक बात समान रूप से उभरकर सामने आई कि छत्तीसगढ़ की वास्तविक शक्ति यहां के मेहनतकश नागरिक, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और सामूहिक एकजुटता है। सुशासन, पारदर्शी प्रशासन, सामाजिक समरसता, बेहतर नागरिक सुविधाएं और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही प्रदेश को विकास के अगले पड़ाव तक पहुंचाने का आधार बनेगा।राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अधिकारियों ने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान, परंपराओं और भाईचारे को अक्षुण्ण रखते हुए विकसित, समृद्ध, स्वच्छ, खुशहाल और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।




