
विकास नंद/सर्वव्यापी
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कार्यभार ग्रहण करने के अगले ही दिन मंत्रालय में मैराथन बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और निर्माणाधीन विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ समय पर नागरिकों तक पहुंचाने, मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
रोजाना वार्डों का भ्रमण करेंगे निगम आयुक्त और सीएमओ
प्रमुख सचिव ने सभी नगर निगम आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के सीएमओ को अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिदिन वार्डों का भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी निरीक्षण के फोटो विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने को भी कहा।बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन और अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बोरा ने कहा कि विकास कार्यों की निगरानी केवल कार्यालयीन रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि मौके पर जाकर की जानी चाहिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और नागरिकों को मिल रहे लाभ का प्रत्यक्ष आकलन करने के निर्देश भी दिए गए।
कचरा पृथक्करण और स्वच्छता पर विशेष जोर
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान उन्होंने घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। चार डस्टबिन व्यवस्था, नियमित कचरा उठाव, व्यवस्थित संग्रहण और प्रमुख बाजारों की सफाई पर विशेष जोर दिया गया।उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसी सतत व्यवस्था विकसित की जाए जिसका असर शहरों में साफ तौर पर दिखाई दे। नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
38 नालंदा परिसरों का निर्माण प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश
राज्य की महत्वाकांक्षी नालंदा परिसर—सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन योजना की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने विभिन्न नगरीय निकायों में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों का निर्माण समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के साथ पुस्तकों, कंप्यूटर, लाइब्रेरियन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि परिसर पूर्ण होते ही विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
पर्यटन स्थलों पर मिलें मूलभूत सुविधाएं
बोरा ने रायपुर नगर निगम आयुक्त को शहर के पर्यटन स्थलों का चिन्हांकन कर वहां शुद्ध पेयजल, सुविधाजनक शौचालय, डस्टबिन और पर्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अर्बन फॉरेस्ट्री के विकास और सार्वजनिक उद्यानों के पुनरोद्धार की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।उन्होंने परिसीमन के बाद नगरीय निकायों में शामिल नए क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता, शहरी हरियाली और अर्बन एग्रीकल्चर को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पुराने हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मरम्मत, स्लम रिडेवलपमेंट और उपलब्ध ईडब्ल्यूएस भूमि पर व्यवहारिक व्यावसायिक परियोजनाओं के विकल्प तलाशने पर भी जोर दिया।
बैठक में विभागीय योजनाओं के साथ सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर नगरीय विकास कार्यों को गति देने की आवश्यकता भी बताई।



