
विकास नंद/ सर्वव्यापी
अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों और बिना आवश्यक नियमों के संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश के बाद अब सरायपाली क्षेत्र में संचालित नर्सिंग होम और निजी क्लिनिकों में नियमों के पालन की जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में संचालित सभी नर्सिंग होम, क्लिनिक एवं अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों की वैधानिक स्थिति और आवश्यक मापदंडों के अनुपालन की जांच करनी चाहिए।
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने अवैध क्लिनिकों के संचालन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सरायपाली में भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।लोगों की मांग है कि सरायपाली नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नर्सिंग होम और क्लिनिकों की जांच कर यह देखा जाए कि संबंधित संस्थानों के पास आवश्यक पंजीयन एवं अनुमति है या नहीं। साथ ही चिकित्सकों की वैध योग्यता, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रशिक्षित स्टाफ, साफ-सफाई, मरीजों की सुरक्षा तथा शासन द्वारा निर्धारित अन्य मापदंडों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच हो।
विशेष रूप से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार, जांच और अन्य चिकित्सा सेवाओं के संचालन को लेकर नियमों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से सीधे जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।
ऐसे में सांसद के निर्देश के बाद अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि सरायपाली क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया जाता है, तो इससे नियमों के अनुरूप संचालित संस्थानों और बिना आवश्यक अनुमति अथवा मापदंडों के संचालित संस्थानों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय लोगों ने विभाग से निष्पक्ष जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।




