
विकास नंद/ सर्वव्यापी
राजधानी दिल्ली में कथित पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन की गूंज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंच गई। इसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के समीप प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में राजीव भवन परिसर में डटे रहे। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने और दोनों पक्षों को अलग रखने में जुटे दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।पूरा घटनाक्रम पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ।
सत्ता पक्ष के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी और विपक्षी कार्यकर्ताओं के आमने-सामने होने के बावजूद पुलिस ने संयम और सतर्कता के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखी। बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी के चलते स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम की व्यापक चर्चा है। वहीं, घायल पुलिसकर्मियों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।




