
नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ, (सर्वव्यापी)
जिले के आदिवासी छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा, पौष्टिक आहार, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभा के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के अरपा सभाकक्ष में आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि छात्रावासों और आश्रमों में रहने वाले बच्चों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा शिक्षा, पोषण और खेल सुविधाओं की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी 80 छात्रावासों एवं आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों को नियमित रूप से संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा मलेरिया के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उनके अभिभावकों तक भी समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में विकसित पोषण वाटिकाओं में कद्दू, लौकी, करेला, खीरा, बरबट्टी जैसी हरी सब्जियों के साथ मुनगा, केला और पपीता जैसे पौष्टिक फलों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए कलेक्टर ने गुरुकुल क्रीड़ा परिसर के सामान्य छात्रावास की रिक्त सीटों को शीघ्र भरने तथा एथलेटिक्स खिलाड़ियों को तैराकी जैसी अतिरिक्त खेल गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण खेल सामग्री एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि राष्ट्रीय जनजातीय खेल प्रतियोगिताओं में जिले का प्रदर्शन और बेहतर हो सके।
कलेक्टर ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लाटा एवं नेवसा में निर्माणाधीन भवनों और आवासीय परिसरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों के प्रवेश के समय ही ऑनलाइन आवेदन भरवाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, आदि कर्मयोगी अभियान, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा अनुसूचित क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्माणाधीन सभी कार्यों को गुणवत्ता और समय-सीमा के अनुरूप पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही देवगुड़ी निर्माण, वन अधिकार अधिनियम के तहत स्वीकृत एवं वितरित प्रकरणों, सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों की गतिविधियों तथा बैगा-गुनिया सम्मान निधि योजना की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गोपेश मनहर तथा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



