
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी


छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, बिलासपुर ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम दगोरी, तहसील बिल्हा स्थित मेसर्स बालाजी पावर प्लांट (नोवा पावर प्लांट) के विरुद्ध गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि प्लांट पर अप्रैल महीने तक का ₹4,85,76,954 (चार करोड़ पचासी लाख छिहत्तर हजार नौ सौ चौवन रुपये) का जल कर बकाया होने के बावजूद अब तक वसूली नहीं की गई है। साथ ही भू-जल के अत्यधिक दोहन एवं जल संसाधनों के उपयोग में नियमों के उल्लंघन की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाली ने कहा कि जल कर शासन का महत्वपूर्ण राजस्व है। यदि कोई उद्योग वर्षों तक करोड़ों रुपये का जल कर जमा नहीं करता, तो इससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचती है तथा जल संसाधन संबंधी कानूनों और नियमों का भी उल्लंघन होता है। ऐसे मामलों में संबंधित उद्योग के विरुद्ध नियमानुसार ब्याज, अधिभार एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि नोवा पावर प्लांट पर लंबित जल कर की संपूर्ण राशि का निर्धारण कर तत्काल वसूली की जाए। साथ ही यह जांच की जाए कि प्लांट द्वारा भू-जल एवं अन्य जल स्रोतों का उपयोग वैध अनुमति एवं निर्धारित शर्तों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कंपनी प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।संगठन ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक आवश्यक होने पर प्लांट के जल उपयोग पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई कर करोड़ों रुपये के बकाया जल कर की वसूली एवं जांच नहीं की गई, तो संगठन जनहित में लोकतांत्रिक आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित कंपनी प्रबंधन की होगी।




