
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल में हाथियों की आवाजाही और उनसे जुड़ी सुरक्षा को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जंगल और ग्रामीण इलाकों के बीच हाथियों की मौजूदगी से जहां ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बनता है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीवों की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सवाल यह है कि जब हाथियों की आवाजाही और उनके विचरण वाले क्षेत्रों की जानकारी वन विभाग के पास रहती है, तो फिर समय रहते प्रभावी सतर्कता, निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए जा पा रहे हैं?हाथियों की मौजूदगी वाले संवेदनशील इलाकों में ग्रामीणों को समय पर सूचना देना, हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना, प्रशिक्षित वन अमले की तैनाती करना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना वन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि ग्रामीणों को स्वयं अपनी सुरक्षा की चिंता करनी पड़ रही है, तो यह विभागीय व्यवस्था की समीक्षा की मांग करता है।



