विकास नंद/ सर्वव्यापी
क्षेत्र में अर्नब चक्रवात के प्रभाव के बाद अब मुरासु चक्रवात का असर भी देखने को मिल रहा है। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते सरायपाली क्षेत्र में आज तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं तापमान में गिरावट आने से पूरे क्षेत्र में ठंड का एहसास बढ़ गया है।मौसम के इस बदले मिजाज का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। खेतों में पककर तैयार होने की स्थिति में पहुंच चुकी धान की फसल तेज बारिश और मौसम की मार से कई स्थानों पर जमीन पर गिर गई है। खेतों में खड़ी फसल के इस तरह गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि लगातार बारिश जारी रहने पर धान की गुणवत्ता प्रभावित होगी और उत्पादन में भी गिरावट आ सकती है।पहले से ही मौसम की अनिश्चितता और प्राकृतिक परिस्थितियों से जूझ रहे किसानों के सामने अब नई चुनौती खड़ी हो गई है। धान की फसल तैयार होने के समय हुई इस बेमौसम बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत और लागत को संकट में डाल दिया है। खेतों में गिरी फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो फसल के खराब होने, दानों में नमी बढ़ने और कटाई-मिंजाई में परेशानी आने की आशंका है।वहीं, अचानक तापमान गिरने से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में आए बदलाव के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
किसानों को राहत और फसल नुकसान के आकलन की दरकार
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए किसानों ने फसल की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। ऐसे में प्रशासन और कृषि विभाग को क्षेत्र में बारिश से प्रभावित खेतों का जायजा लेकर फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की आवश्यकता है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।धान की फसल पकने के अहम दौर में हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरने की आशंका पैदा कर दी है। अब किसानों की निगाहें मौसम के अगले रुख और प्रशासनिक मदद पर टिकी हुई हैं।




