
विकास नंद/ सर्वव्यापी
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन और आम नागरिकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में जिला स्तरीय जनसूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों, प्रक्रियाओं और दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यशाला में सूचना का अधिकार अधिनियम की विभिन्न धाराओं, नियमों और आवेदन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि आरटीआई के तहत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना आवश्यक है। लोक सूचना अधिकारियों के दायित्वों तथा आवेदकों को नियमानुसार जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व से भी अवगत कराया गया।
प्रथम अपील और द्वितीय अपील की प्रक्रिया समझाई
प्रशिक्षण के दौरान प्रथम अपील एवं द्वितीय अपील की प्रक्रिया के साथ केंद्रीय एवं राज्य सूचना आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। अधिकारियों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया गया कि आरटीआई आवेदनों का नियमानुसार निराकरण कैसे किया जाए और सूचना उपलब्ध कराने में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाए।
ऑनलाइन पोर्टल के संचालन पर विशेष जोर
कार्यशाला में आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया भी समझाई गई। इसके साथ ही जिले के सभी जनसूचना अधिकारियों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई, ताकि ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और व्यवस्थित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूक करना, आवेदन निराकरण की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाना तथा सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना रहा।
कार्यशाला में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर मनोज सिन्हा, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ओमप्रकाश पटेल, धनुर्जय साहू एवं मेघनाथ सिदार सहित जिले के विभिन्न कार्यालयों के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।




