
विकास नंद (सर्वव्यापी)
खैर लकड़ी के अवैध कारोबार, तस्करी और फर्जी एनओसी के जरिए लकड़ी परिवहन के मामले में महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में गिरोह से जुड़े ठिकानों पर दबिश देकर पुलिस ने 95 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी जब्त की है। वहीं, जानलेवा हमले के मामले में फरार मुख्य आरोपी संजय छापरिया को उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित कुल 3 करोड़ 61 लाख 52 हजार 880 रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं।पुलिस की इस कार्रवाई में अब तक 70 टन अवैध खैर लकड़ी और करीब एक करोड़ रुपये अनुमानित कीमत के नौ वाहन भी जब्त किए गए हैं। मामले में आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया और उनके सहयोगियों की भूमिका की जांच जारी है।
हरिद्वार से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी
पुलिस के अनुसार, खैर लकड़ी के अवैध कारोबार में प्रतिस्पर्धा के चलते सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का मामला थाना सिंघोड़ा में दर्ज किया गया था। अपराध क्रमांक 87/2026 के इस प्रकरण में फरार आरोपी संजय छापरिया को महासमुंद पुलिस की टीम ने 18 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार (उत्तराखंड) में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। वैधानिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद आरोपी को महासमुंद लाया गया।
ओडिशा में दो ठिकानों से 60 लाख रुपये जब्त
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी संजय छापरिया से पूछताछ और उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस टीम ने ओडिशा के बरगढ़ जिले में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी के आवास से 45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।इसके अलावा, आरोपी द्वारा अपने सहयोगी एवं टैक्स कंसल्टेंट के पास रखी गई 15 लाख रुपये की नकदी भी 22 अक्टूबर को विधिवत जब्त की गई। इस तरह ओडिशा के बरगढ़ में दो ठिकानों से कुल 60 लाख रुपये की बरामदगी हुई।
हिमाचल प्रदेश में फिर मिली 35 लाख की नकदी
विवेचना के दौरान पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में भी गिरोह से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले हिमाचल प्रदेश के विभिन्न ठिकानों से एक करोड़ 70 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। अब एक अन्य ठिकाने से 35 लाख रुपये अतिरिक्त बरामद कर जब्त किए गए हैं।ओडिशा में 60 लाख और हिमाचल प्रदेश में 35 लाख रुपये की इस नई बरामदगी के साथ कार्रवाई के तहत कुल 95 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी जब्त की गई है।
अब तक 3.61 करोड़ रुपये की नकदी जब्त
महासमुंद पुलिस के अनुसार, आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया और उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अब तक कुल 3,61,52,880 रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस इस रकम को अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित राशि मानकर कार्रवाई कर रही है।अपराध से अर्जित कथित अवैध संपत्ति की कुर्की और आरोपियों को आर्थिक लाभ से वंचित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
70 टन खैर लकड़ी और नौ वाहन भी जब्त
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अंतरराज्यीय गिरोह के ठिकानों पर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है।इसके अलावा, तस्करी और अवैध परिवहन से जुड़े इस प्रकरण में नौ वाहन भी जब्त किए गए हैं। इनमें चार ट्रक और एक डंपर सहित पांच भारी मालवाहक वाहन, एक हुंडई क्रेटा, एक महिंद्रा एक्सयूवी-500 और एक डस्टर कार सहित तीन कारें तथा एक मालवाहक पिकअप वाहन शामिल हैं। जब्त वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
फर्जी एनओसी से लकड़ी परिवहन का मामला
इस प्रकरण की शुरुआत वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर हुई थी। खैर लकड़ी के 23,350 किलोग्राम अवैध परिवहन में इस्तेमाल की गई एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कथित कूटरचना और धोखाधड़ी के आरोप में थाना पिथौरा में 9 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।महासमुंद पुलिस के अनुसार, यह मामला अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय संगठित गिरोह से जुड़ा है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति का पता लगाना, कथित आर्थिक लाभ को जब्त करना और प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच करना है। मामले में आगे की कार्रवाई और विवेचना जारी है।




