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निगम के ई. दीपक खांडे डामर का बहाना कर १० करोड़ के सडक़ डामरीकरण के भ्रष्टाचार को दबा रहे है ? कलेक्टर तत्काल हस्तक्षेप करें – ओस्तवाल

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

राजनांदगांव शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से कलेक्टर से यह मांग की है कि जिस तरह निगम में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों जिसमें प्रमुख रूप से संविदा कार्यपालन अभियंता श्री यू.के. रामटेके और कार्यपालन अभियंता दीपक खांडे और ठेकेदारों की मिलीभगत से जो भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है ? वह राजनांदगांव शहर की जनता और शासन के हित में नही है लगभग १० करोड़ रूपयों के सडक़ डामरीकरण की स्वीकृति शासन द्वारा दिनांक ०३/०९/२०२४ को शासन से लगभग ४२ सडक़ों के डामरीकरण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी और जिस तरह से सडक़ डामरीकरण में शासन के नियम विरूद्ध निविदा टेंडर से लेकर गुणवत्ताहीन सडक़ निर्माण कर जो भ्रष्टाचार हुआ है? उन सभी मामलों को दबाने का जो प्रयास निगम के दोनों भ्रष्ट अधिकारियों के द्वारा लगातार किया जा रहा है जिस सडक़ डामरीकरण के निर्माण एवं शेष बची सडक़ डामरीकरण से संबधित शिकायत और नई सडक़ बनाने का अनेको बार अनुरोध करने के बावजूद सडक़ डामरीकरण दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार में शहर की जनता को गढ्ढे में चलने को मजबूर होना पड़ रहा है और एक जागरूक कलेक्टर इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ ना तो ठोस कार्यवाही कर रहे है और ना ही नई सडक़ बनाने से संबंधित कोई आदेश जारी कर रहे है जबकि जनता की सुविधाओं के लिये जो शहर के विधायक डॉ. रमन सिंह जी ने १० करोड़ रूपयों की सडक़ डामरीकरण की स्वीकृति दिलवाई लेकिन महापौर यादव को आम जनता की तकलीफो से कोई लेना देना नही है इसलिये कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव जी से अनुरोध है कि जिस तरह समाचार पत्रों में निगम के कार्यपालन अभियंता दीपक खांडे और संविदा प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री यू.के. रामटेके पिछले लगभग सालभर से डामर का रेट बडऩे और डामर नही आने का जो बहाना बना रहे है और समाचार पत्रों में कभी १२ सडक़ों का टेंडर हो गया और कभी ८ सडक़ों का कार्य करने हेतु ठेकेदारों को नोटिस का बहाना बनाकर सडक़ डामरीकरण में हुए भ्रष्टाचार को जो दबाने का खेल जिस जनप्रतिनिधि के इशारे पर हो रहा है उस पूरे मामले की ईमानदार अधिकारियों की जांच टीम गठित कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाए और दीपावली के पहले शहर की सडक़ों को बनावाने का आदेश जारी करें और श्री यू.के. रामटेके जिसकी संविदा नियुक्ति का समय १२ माह का जो था वह समाप्त होने को है और इस अधिकारी को तत्काल संविदा नियुक्ति से संबंधित एक्सटेंशन ना होने दिया जाये क्योंकि यह अधिकारी निगम के एक पावरफुल जिस जनप्रतिनिधि के ईशारे पर शासन के नियम विरूद्ध अनेकों कार्य करके शासकीय निगम कोष को वित्तीय हानि पहुंचाने का खेल कर रहा है ? और कई मामलों के भ्रष्टाचार की जांच फाइल दबाकर बैठा है इसलिये कलेक्टर कल टी.एल. बैठक में सडक़ डामरीकरण और दोनों अधिकारियों के मामले में कार्यवाही का कड़ा निर्णय लेते हुए समाचार पत्रों में सार्वजनिक करवाए ।

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