के एस ठाकुर, कार्यकारी संपादक सर्वव्यापी
देश में डिजिटल संचार के दौर के बावजूद समाचार पत्र, पत्रिकाओं और विभिन्न पंजीकृत प्रकाशनों की डाक व्यवस्था आज भी भारतीय डाक विभाग पर निर्भर है। लेकिन बिलासपुर मुख्य डाकघर में मात्र 25 पैसे का डाक टिकट उपलब्ध नहीं होने से पंजीयन डाक के माध्यम से समाचार पत्र भेजने वाले प्रकाशकों, संपादकों और आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बताया जा रहा है कि पंजीकृत समाचार पत्रों के डाक शुल्क की गणना में कई बार 25 पैसे की राशि भी जुड़ती है। ऐसे में निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के लिए 25 पैसे का टिकट आवश्यक होता है। किंतु मुख्य डाकघर में यह टिकट लंबे समय से उपलब्ध नहीं है। परिणामस्वरूप कई लोगों को या तो अतिरिक्त राशि का टिकट खरीदना पड़ रहा है अथवा डाक भेजने की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।स्थानीय समाचार पत्रों के संपादकों और प्रकाशकों का कहना है कि छोटे मूल्य के डाक टिकट की अनुपलब्धता के कारण समय पर अखबारों का प्रेषण प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले पाठकों तक समाचार पत्रों की नियमित आपूर्ति पर पड़ रहा है। समय पर डाक नहीं भेजे जाने से प्रकाशनों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।लोगों का कहना है कि यदि किसी मूल्यवर्ग के टिकट की आवश्यकता समाप्त हो चुकी है तो डाक विभाग को इसके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करनी चाहिए। लेकिन यदि वर्तमान नियमों के अनुसार 25 पैसे का टिकट आवश्यक है, तो उसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।डाक विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि छोटे मूल्य के टिकटों की नियमित आपूर्ति नहीं होने से ऐसी समस्याएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं। यदि विभाग डिजिटल फ्रैंकिंग, ई-पोस्टेज या समायोजित शुल्क जैसी व्यवस्था को और सरल बनाए तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।समाचार पत्रों के प्रकाशकों और उपभोक्ताओं ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बिलासपुर मुख्य डाकघर में 25 पैसे के डाक टिकट की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि पंजीयन डाक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके और समाचार पत्रों के वितरण में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।बिलासपुर मुख्य डाकघर में 25 पैसे के डाक टिकट की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।छोटे मूल्य के टिकटों की नियमित आपूर्ति की व्यवस्था की जाए।पंजीकृत समाचार पत्रों के डाक शुल्क भुगतान के लिए वैकल्पिक और सरल प्रणाली विकसित की जाए।प्रकाशकों और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए डाक विभाग त्वरित समाधान लागू करे।


