
विकास नंद/सर्वव्यापी
सरायपाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल सरायपाली के अध्यक्ष गुंजन अग्रवाल ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों को उनकी बौखलाहट और घोर राजनीतिक दिवालियापन का प्रमाण बताया है। गुंजन अग्रवाल ने सीधे शब्दों में चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में अगर थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो वह जनता के बीच जाकर छाती पीटने से पहले यह कबूल करे कि छत्तीसगढ़ की जनता को स्मार्ट मीटर खुद भूपेश बघेल की सरकार ने डाला था।गुंजन अग्रवाल ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा, “कांग्रेस का चरित्र हमेशा से झुटा रहा है। 22 सितंबर 2022 को जब छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर का टेंडर निकाला गया, तब सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल थे। जुलाई 2023 में जब ‘टाटा पावर’ को ₹1,744 करोड़ का बंपर वर्क ऑर्डर थमाया गया, तब भी कांग्रेस की ही सरकार ऐश कर रही थी। सत्ता में रहते हुए जिस योजना का सौदा कांग्रेस ने खुद तय किया, आज विपक्ष में बैठते ही अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए उसी के खिलाफ आंदोलन का ढोंग कर रहे हैं। प्रदेश की जागरूक जनता कांग्रेस के इस दोगलेपन को अच्छी तरह समझती है।”भाजपा नेता ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस आज ‘चोर मचाए शोर’ की नीति पर चल रही है। सत्ता में रहकर छत्तीसगढ़ को लूटने और कंपनियों को उपकृत करने वाली कांग्रेस आज सड़कों पर उतरकर खुद को पाक-साफ दिखाने का हास्यास्पद प्रयास कर रही है। गुंजन अग्रवाल ने कहा, “यह विरोध प्रदर्शन जनता की भलाई के लिए नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और वजूद बचाने की छटपटाहट है। अगर स्मार्ट मीटर इतना ही गलत था, तो जुलाई 2023 में टेंडर साइन करते वक्त तत्कालीन कांग्रेस मंत्रियों और विधायकों की बोलती क्यों बंद थी? तब कौन सी डील हुई थी, कांग्रेस को पहले इसका जवाब देना चाहिए।”गुंजन अग्रवाल ने सरायपाली की जनता को आश्वस्त किया कि भाजपा सरकार हमेशा जनहित को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि कांग्रेस के इस महा-झूठ और दोहरे चरित्र का पर्दाफाश सरायपाली के हर घर, हर गली और हर बूथ स्तर पर किया जाए ताकि जनता को इनका असली चेहरा साफ-साफ दिख सके।




