
विकास नंद (सर्वव्यापी)
जिले में यात्री परिवहन व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और नियमबद्ध बनाने के लिए परिवहन विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को महासमुंद बस स्टैंड स्थित बस यूनियन कार्यालय में निजी बस संचालकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बसों के समयबद्ध संचालन, निर्धारित रूट, यात्री सुरक्षा और किराया सूची सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निर्धारित समय-सारणी का पालन अनिवार्य
जिला परिवहन अधिकारी ने सभी बस संचालकों को निर्देशित किया कि बसों का संचालन परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही किया जाए। निर्धारित समय पर बसों का परिचालन नहीं करने अथवा अन्य बसों के संचालन को प्रभावित करने की स्थिति में संबंधित संचालकों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक बस को उसके स्वीकृत रूट और परमिट में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ही चलाना होगा। रूट का उल्लंघन, बिना वैध परमिट बस संचालन और निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बसों की फिटनेस और यात्री सुरक्षा पर जोर
बैठक में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बसों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी संचालकों को वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र और वाहन बीमा सहित आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त रखने को कहा गया। अनफिट पाई जाने वाली बसों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
नई किराया सूची से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई
बस किराए को लेकर भी परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। शासन द्वारा लागू नई किराया सूची का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य होगा। सभी बस संचालकों को अपनी बसों के भीतर यात्रियों को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर किराया सूची (फेयर चार्ट) चस्पा करनी होगी। निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अनदेखी पर परमिट और लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी
जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने स्पष्ट किया कि परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गंभीर उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार परमिट और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।बैठक के माध्यम से परिवहन विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया कि यात्री सुविधाओं, सुरक्षित सफर और निर्धारित किराए के नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब बस संचालकों की जिम्मेदारी होगी कि वे सभी निर्देशों का पालन करते हुए यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएं।



