
विकास नंद/सर्वव्यापी
महासमुंद जिले के भोरिंग स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर विनय लंगेह ने नाराजगी जताई। वर्ष 2022 में स्वीकृत निर्माण कार्यों के लगभग चार साल बाद भी अधूरे रहने पर उन्होंने संबंधित एजेंसी को काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एकलव्य विद्यालय और प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण कर शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, पेयजल और विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
चार साल बाद भी अधूरे निर्माण, एजेंसी को जल्द काम पूरा करने के निर्देश
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में कलेक्टर ने सामूहिक किचन, मेस हॉल, अतिरिक्त कक्ष, अधीक्षक आवास, गेस्ट रूम और खेल मैदान सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। वर्ष 2022 से स्वीकृत इन कार्यों के अब तक पूरे नहीं होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्यों में तेजी लाकर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा गया, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
बच्चों के स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्टाफ नर्स और चिकित्सक से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सामान्य बीमारियों, उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
छात्रावास की भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को कम मिर्च-मसाले वाला सादा, सुपाच्य और स्वादिष्ट भोजन दिया जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अलावा शौचालयों और स्नानागारों की नियमित साफ-सफाई तथा भवन में जहां भी टूट-फूट है, वहां तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश प्रभारी प्राचार्य महेंद्र टंडन को दिए।
पेयजल संकट दूर करने तत्काल प्रस्ताव बनाने के निर्देश
विद्यालय परिसर में पेयजल की समस्या सामने आने पर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता देव कुमार वर्मा और सब-इंजीनियर आलोक शुक्ला को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करने से लेकर स्वीकृति की प्रक्रिया तक तत्परता बरती जाए, ताकि विद्यार्थियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्य जल्द शुरू हो सके।
छात्राओं की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर ने बालक एवं कन्या छात्रावासों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवकाश के दौरान बच्चों को केवल उनके परिजनों के साथ ही भेजा जाए तथा छात्रावास परिसर में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए।परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का परिचय और मोबाइल नंबर निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। विशेष रूप से कन्या छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और सभी सीसीटीवी कैमरों को हमेशा चालू रखने के निर्देश दिए गए। किसी भी समस्या, अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी शिकायत की जानकारी तत्काल खंड प्रभारी को देने को कहा गया, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कन्या छात्रावास में जलभराव की समस्या का होगा समाधान
एकलव्य विद्यालय के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने भोरिंग स्थित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का भी जायजा लिया। उन्होंने छात्रावास की विभिन्न पंजियों और अभिलेखों की जांच की तथा कमरों में बिजली, लाइट और पंखों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशील स्थिति देखी। उन्होंने छात्रावास की बुनियादी सुविधाओं को व्यवस्थित रखने और छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देने के निर्देश दिए।
इस दौरान छात्रावास अधीक्षक शारदा वर्मा ने बताया कि छात्रावास परिसर सड़क के स्तर से नीचे होने के कारण बारिश के दौरान तथा आसपास पानी जमा होने से जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। इस पर कलेक्टर ने समस्या के स्थायी निराकरण के लिए परिसर के समतलीकरण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही इस कार्य को वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कराने के लिए सहमति व्यक्त की।
नियमित निरीक्षण और समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश
कलेक्टर विनय लंगेह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावासों में स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, सुरक्षित आवास, पर्याप्त पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारी नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय एवं खंड प्रभारी आदिवासी विकास महासमुंद नीलेश खांडे उपस्थित रहे।



