
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा महाराष्ट्र और बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 10 एवं 11 जनवरी 2027 को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय राजभाषा संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह निर्णय मंगलवार को कुलपति कार्यालय के संवाद कक्ष में आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वर्धा की छमाही बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की। बैंक ऑफ इंडिया की सहायक महाप्रबंधक, राजभाषा मऊ मैत्रा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकात्मता की सशक्त अभिव्यक्ति है। सरकारी कार्यालयों में हिंदी का सहज एवं प्रभावी प्रयोग बढ़ाने के साथ इसे ज्ञान, तकनीक और वैश्विक विमर्श की भाषा के रूप में विकसित करना आवश्यक है। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी इस दिशा में सार्थक भूमिका निभाएगी।बैंक ऑफ इंडिया की सहायक महाप्रबंधक, राजभाषा मऊ मैत्रा ने कहा कि बैंकों और केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में राजभाषा हिंदी का प्रभावी क्रियान्वयन संस्थागत दायित्व है। ऐसे संयुक्त आयोजन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा राजभाषा संबंधी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं।बैठक में वर्धा, पुलगांव, देवली स्थित केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के प्रमुखों एवं राजभाषा प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक का संचालन नराकास वर्धा के सदस्य सचिव राजेश कुमार यादव ने किया।



