
विकास नंद/सर्वव्यापी
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य को लेकर चलाए जा रहे सघन निरीक्षण अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो खाद्य कारोबार प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं।
कलेक्टर लंगेह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अभिहित अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि 17 अगस्त को जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड (डोमिनोज पिज्जा), महासमुंद का निरीक्षण किया गया। यहां कच्चे, पके, शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों के उचित पृथक्करण की व्यवस्था नहीं मिली। इसके कारण खाद्य पदार्थों के आपसी संपर्क से दूषित होने का खतरा पाया गया। मांसाहारी खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से गलाने और उनके भंडारण में भी कमियां मिलीं। इसे गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में प्रतिष्ठान की खाद्य अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई।
इसी तरह 19 अगस्त को वेदांश फूड इंडस्ट्रीज, ग्राम बिरकोनी, महासमुंद के निरीक्षण में खाद्य एवं पैकेजिंग सामग्री के उचित भंडारण, कीट नियंत्रण, खाद्य अपशिष्ट के निस्तारण, खाद्य संचालकों की स्वच्छता एवं सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और कच्चे माल की जांच सहित कई महत्वपूर्ण खाद्य सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां पाई गईं। इसके चलते प्रतिष्ठान की अनुज्ञप्ति भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई।दोनों मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में संबंधित परिसरों में खाद्य कारोबार संचालित नहीं किया जा सकेगा। इस दौरान केवल निर्धारित सुधारात्मक उपाय किए जा सकेंगे।आदेश से असंतुष्ट संबंधित कारोबारी नियमानुसार 15 दिवस के भीतर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकते हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ेगी निगरानी
त्योहारी सीजन को देखते हुए कलेक्टर लंगेह के निर्देश पर जिले में मिठाई, मिष्ठान्न, कन्फेक्शनरी एवं अन्य खाद्य कारोबारों की सघन जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा मानकों में लापरवाही या उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



