
विकास नंद/सर्वव्यापी
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कस्टम मिलिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने शेष चावल को निर्धारित समय-सीमा में जमा कराने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।बैठक में बताया गया कि कस्टम मिलिंग के तहत कुल 89 लाख टन चावल जमा करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरुद्ध अब तक 37.50 लाख टन चावल जमा किया जा चुका है, जबकि 51.50 लाख टन चावल अभी जमा किया जाना शेष है।कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने की अंतिम समय-सीमा 31 मार्च 2027 निर्धारित है। शेष बड़ी मात्रा को देखते हुए उप-समिति ने संबंधित अधिकारियों को मिलिंग और चावल जमा करने की प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष चावल जमा कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र खोले गए हैं। सभी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने तथा धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।धान खरीदी के लिए बारदानों की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया गया। विपणन संघ द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें से अब तक 1.14 लाख गठान बारदाने प्राप्त हो चुके हैं। शेष बारदानों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारदानों की कमी के कारण धान खरीदी प्रभावित न हो।



