
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

शासकीय सेवा के दौरान मृत सहायक शिक्षक के परिवार पेंशन और मृत्यु-सह-सेवा-निवृत्ति उपादान प्रकरण में वेतन निर्धारण की जांच-अनुमोदन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और देरी सामने आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने छह शासकीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा 24 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, मुंगेली जिले के शासकीय हाईस्कूल लाखासार, विकासखंड लोरमी में पदस्थ सहायक शिक्षक विज्ञान अंजनी त्रिपाठी की 25 सितंबर 2022 को शासकीय सेवा में रहते हुए मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पेंशन तथा मृत्यु-सह-सेवा-निवृत्ति उपादान से संबंधित प्रकरण की कार्रवाई के दौरान सेवा पुस्तिका में किए गए वेतन निर्धारण का सक्षम प्राधिकारी से समय पर जांच एवं अनुमोदन नहीं कराया गया।आदेश में कहा गया है कि मृत्यु के बाद भी वेतन निर्धारण के अनुमोदन में अत्यधिक विलंब हुआ, जिसके परिणामस्वरूप अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली की स्थिति बनी। साथ ही पेंशन से संबंधित लंबित प्रकरण के संबंध में संचालनालय को गलत जानकारी भेजे जाने का भी उल्लेख आदेश में किया गया है।जांच में संबंधित कर्मचारियों के कार्यकाल के दौरान नियमों के विपरीत कार्य, गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता तथा शासकीय कार्यों में जानबूझकर विलंब किया जाना प्रमाणित पाए जाने की बात कही गई है।इन छह कर्मचारियों पर हुई कार्रवाईनिलंबित किए गए कर्मचारियों में तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राघवेन्द्र कुमार सोनी, प्रभारी प्राचार्य रघुनंदन सिंह राजपूत, सहायक ग्रेड-3 मोतीराम यादव, सहायक ग्रेड-2 त्रिवेणी ध्रुव, सहायक ग्रेड-3 अशोक ध्रुव तथा कनिष्ठ लेखा परीक्षक एवं पेंशन कक्ष प्रभारी शत्रुहन कुलमित्र शामिल हैं।संचालनालय के आदेश में संबंधित कर्मचारियों का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) के उपनियम (एक, दो, तीन) तथा नियम 3-क के विपरीत गंभीर कदाचार बताया गया है।इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत सभी छह कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।बिलासपुर संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय बनाया मुख्यालयनिलंबन अवधि में सभी संबंधित कर्मचारियों का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।लोक शिक्षण संचालनालय का यह आदेश मृत शासकीय सेवक के पेंशन एवं अन्य स्वत्वों से जुड़े प्रकरणों में सेवा अभिलेखों के समय पर सत्यापन और अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में सामने आया है।




