
विकास नंद/ सर्वव्यापी

ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के मुख्य सप्लायर तक पहुंच बनाई है। सिंघोड़ा थाना पुलिस ने 281.900 किलो गांजा तस्करी के मामले में उड़ीसा के देवगढ़ जिले के गुलाबबंद निवासी किशोर कुमार नायक (36) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मामले में गांजा उपलब्ध कराने वाला मुख्य सोर्स एवं बैकवर्ड लिंक है। उसे 10 सितंबर को गिरफ्तार कर जिला महासमुंद लाया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।पुलिस के मुताबिक सिंघोड़ा थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 37/2026, धारा 20(B)(II)(C), 29(1) एनडीपीएस एक्ट की विवेचना के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी तथा जब्त मोबाइल फोन के डाटा का तकनीकी एवं डाटा विश्लेषण किया गया। इसी आधार पर पुलिस टीम तस्करी के मुख्य स्रोत तक पहुंची और देवगढ़ जिले के गुलाबबंद निवासी किशोर कुमार नायक को गिरफ्तार किया।
रेहटीखोल में नाकेबंदी कर पकड़ी गई थी गांजे की बड़ी खेप
मामला 3 अप्रैल 2026 का है। सिंघोड़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो वाहनों के माध्यम से बड़ी मात्रा में गांजा परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने एनएच-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास नाकेबंदी कर एक काले रंग की फॉर्च्यूनर कार क्रमांक MH12 WC 0090 और काले रंग की स्कॉर्पियो कार क्रमांक MH12 YH 0925 को रोका।तलाशी के दौरान फॉर्च्यूनर की पीछे की सीट के अंदर तथा स्कॉर्पियो की बीच एवं पीछे की सीट से कुल 281.900 किलो गांजा बरामद किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये बताई गई है। पूछताछ में आरोपियों ने गांजा उड़ीसा से लोड कर पुणे, महाराष्ट्र ले जाने की बात बताई थी।
पांच तस्कर पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें महाराष्ट्र के सतारा एवं शोलापुर क्षेत्र के प्रशांत शंकर गोले, क्षितिज वीरसेन जाधव, महेश काटकर, अभिषेक डेविड जगले और अक्षय नंदकुमार निगम शामिल हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
दो करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
पुलिस ने गांजा तस्करी में प्रयुक्त फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो सहित कुल 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। जब्त संपत्ति में 281.900 किलो गांजा कीमती 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये, फॉर्च्यूनर कार करीब 40 लाख रुपये, स्कॉर्पियो कार करीब 25 लाख रुपये तथा चार मोबाइल फोन करीब 50 हजार रुपये शामिल हैं।
महासमुंद पुलिस ने बताया कि एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशानुसार मादक पदार्थों की तस्करी में इंड-टू-इंड विवेचना, सोर्स प्वाइंट, डेस्टिनेशन प्वाइंट और फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस तस्करी के परिवहनकर्ताओं से आगे बढ़कर गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य स्रोत तक पहुंचने में सफल रही।




