
विकास नंद/सर्वव्यापी
सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों की समय पर उपस्थिति और नियमितता सुनिश्चित करने के लिए लागू बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस व्यवस्था में महासमुंद जिले के कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जुलाई माह की 23 कार्यदिवसों की हाजिरी के आधार पर तैयार रिपोर्ट कार्ड में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को 100 में 100 अंक मिले हैं। वे शीर्ष पांच अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने परफेक्ट स्कोर हासिल किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में 23 कार्यदिवसों के दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सभी दिनों में सुबह 10 बजे से पहले कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी इस नियमितता और समयपालन को रिपोर्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के रूप में दर्ज किया गया है।बताया गया है कि मंत्रालय में बायोमेट्रिक ई-अटेंडेंस व्यवस्था दिसंबर 2025 में लागू की गई थी। इसके बाद इसे संचालनालयों में भी लागू किया गया।
जुलाई माह की रिपोर्ट 23 कार्यदिवसों की उपस्थिति के आधार पर तैयार की गई, जिसमें समय पर कार्यालय पहुंचने, नियमित उपस्थिति, लेट-लतीफी तथा अवकाश/टूर सहित निर्धारित मानकों के आधार पर अधिकारियों का स्कोर तैयार किया गया।
100 प्रतिशत स्कोर हासिल करने वाले शीर्ष पांच अधिकारियों में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के अलावा भगवान सिंह उइके, सचिव-भारा साधक राजेश सिंह राणा, सोनमणि बोरा और हिम शिखर गुप्ता शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सोनमणि बोरा और हिम शिखर गुप्ता ने 22 दिन समय पर उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि एक-एक दिन वे आधिकारिक दौरे पर रहे।
अधिकारियों की उपस्थिति की यह व्यवस्था सरकारी कार्यालयों में समयपालन, पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है।
ऐसे में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का 100 प्रतिशत स्कोर प्रशासनिक अनुशासन और नियमित कार्यप्रणाली का उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है।
रिपोर्ट में अन्य अधिकारियों के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया है। इसमें अजीत वसंत कलेक्टर और सुखनाथ अहिरवार सचिव को 98 प्रतिशत, संजय अग्रवाल कलेक्टर को 96 प्रतिशत तथा जितेन्द्र यादव कलेक्टर और कुलदीप शर्मा कलेक्टर को 92 प्रतिशत अंक मिले हैं।




