
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
वन संपदा की अवैध तस्करी पर शिकंजा कसते हुए वन विभाग ने कोटा परियोजना मंडल अंतर्गत भैंसाझार परिक्षेत्र के कलमीटार बीट क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। रात्रिकालीन गश्त के दौरान वन अमले ने सागौन लकड़ी से भरी महिंद्रा पिकअप वाहन सहित एक बाइक को जब्त किया है। मामले में चार लोगों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।वन विभाग के अनुसार, जोगीपुर-रतनपुर मार्ग पर गश्त कर रही टीम को एक संदिग्ध महिंद्रा पिकअप वाहन दिखाई दिया।
जांच के दौरान वाहन क्रमांक सीजी-10 सीए-5582 की तलाशी ली गई, जिसमें सागौन लकड़ी के 11 नग लट्ठे बरामद हुए। लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है।
मौके पर मौजूद लोगों से लकड़ी परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद वन विभाग ने लकड़ी को अवैध मानते हुए वाहन को जब्त कर लिया।
तस्करी में सहयोग और निगरानी के लिए उपयोग की जा रही होंडा लीवो बाइक (क्रमांक सीजी-28 सी-3192) को भी जब्ती में लिया गया है।प्रारंभिक जांच में नीलकुमार घृतलहरे, ललित साहू, लालसिंह और दुर्गेश पाली की संलिप्तता सामने आई है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि सागौन लकड़ी जंगल के किस हिस्से से काटी गई थी और इसे कहां ले जाने की तैयारी थी। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वन अधिकारियों का कहना है कि सागौन जैसी बेशकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई और परिवहन वन संपदा के लिए गंभीर खतरा है। इसे रोकने के लिए जंगल क्षेत्रों में लगातार रात्रि गश्त बढ़ाई गई है और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है।वन विभाग की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंपभैसाझार क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई से यह साफ है कि जंगलों में अवैध गतिविधियों पर विभाग की निगरानी तेज हो गई है।
हालांकि अब जांच का अहम पहलू यह होगा कि जब्त सागौन लकड़ी का वास्तविक स्रोत क्या है और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




