
विकास नंद/ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और किसान अस्मिता के प्रतीक पर्व हरेली के अवसर पर 16 अगस्त को भिलाई पावर हाउस में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा भव्य हरेली उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर प्रदेशभर में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम का आह्वान अमित बघेल द्वारा किए जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी विशेष चर्चा है तथा सभी की निगाहें इस आयोजन पर टिकी हुई हैं।
आयोजकों के अनुसार, हरेली उत्सव केवल पारंपरिक पर्व का आयोजन नहीं होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और किसानों के सम्मान को समर्पित एक व्यापक सामाजिक आयोजन होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, युवा, किसान, महिलाएं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
उत्सव के दौरान पारंपरिक खेल-कूद, लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा हरेली पर्व की पारंपरिक रस्मों का आयोजन किया जाएगा। आयोजक इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक आयोजन बनाने की तैयारी में जुटे हैं।
कार्यक्रम के आह्वानकर्ता अमित बघेल ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देने की अपील की है। आयोजन की तैयारियां तेज़ी से जारी हैं और विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं के पहुंचने की सूचना मिल रही है।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी इस आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी जनभागीदारी की संभावना के चलते प्रदेशभर की निगाहें अब 16 अगस्त को भिलाई पावर हाउस में होने वाले इस हरेली उत्सव पर टिकी हैं, जहां छत्तीसगढ़िया संस्कृति और जनशक्ति का संगम देखने को मिल सकता है।




