
विकास नंद/सर्वव्यापी
खनन प्रभावित गांवों के सर्वांगीण विकास को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने एक बार फिर संवेदनशील और सक्रिय प्रशासनिक पहल की है। कलेक्टर ने सलोरा, जेन्जरा, हुंकरा, धवईपुर, देवरी और तेलसरा ग्राम पंचायतों का दौरा कर ग्रामीणों, सरपंचों और पंचों के साथ वन-टू-वन संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “आप स्वीकृत काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करिए, मैं गांव के विकास के लिए नए काम तुरंत स्वीकृत करूंगा।”कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्राम पंचायत भवनों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, बिजली तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सरपंचों और पंचों से गांव के समग्र विकास के लिए सामूहिक कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया।कलेक्टर ने कहा कि महत्वपूर्ण विकास कार्यों को जिला खनिज न्यास मद से प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्य केवल समय-सीमा में पूरे होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप होना आवश्यक है।
स्वीकृत कार्यों के साथ भुगतान की समस्या भी होगी दूर
कलेक्टर दुदावत ने ग्राम पंचायतों को भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्यों के भुगतान में यदि किसी स्तर पर कोई समस्या आ रही है तो उसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के साथ ही संबंधित भुगतान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। पेयजल, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और बिजली जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तथा महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के सुधार पर जोर
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत की मांग रखी। कलेक्टर ने आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने और अनुपयोगी भवनों के स्थान पर नए आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत करने की बात कही। सीसी सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, पेयजल व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों पर भी कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।ग्रामीणों द्वारा मंगल भवन की मांग पर कलेक्टर ने सुझाव दिया कि अलग-अलग वार्डों में छोटे भवन बनाने के बजाय गांव के प्रमुख स्थान पर सभी की सहमति से एक बड़ा और उपयोगी सामुदायिक भवन बनाया जाए।
पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर और सोलर ड्यूल पंप
ग्रामीणों की मांग पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में बोर, सोलर ड्यूल पंप और हैंडपंप स्थापित करने पर सहमति दी गई। इसके अलावा सोलर लाइट, सड़क ब्रेकर, गोठान विकास, तालाब में पचरी निर्माण, पुल निर्माण, खराब बोर की मरम्मत और ट्रांसफार्मर बदलने जैसी मांगों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जल जीवन मिशन : घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही होगा भुगतान
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि गांवों में घर-घर पेयजल आपूर्ति शुरू होने और उसका सत्यापन होने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ठेकेदारों को तीन माह के भीतर पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत और अतिरिक्त आय का अवसर
कलेक्टर ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इच्छुक परिवार ग्राम पंचायत के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पक्की छत नहीं होने वाले अथवा खपरैल मकान वाले परिवार भी 8 से 15 ग्रामीणों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम के लिए आवेदन कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा से बिजली बिल में राहत मिलने के साथ अतिरिक्त विद्युत उत्पादन को ग्रिड में बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिल सकता है।
12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई भी जरूरी” — कलेक्टर दुदावत
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बच्चों की उच्च शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज के समय में केवल 12वीं तक पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेजना जरूरी है।उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष सहयोग दिया जा रहा है। 10वीं के बाद नीट और जेईई की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं बड़े सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की फीस का वहन भी जिला प्रशासन द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई।
महिलाओं को प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक जोड़ने की पहल
कलेक्टर ने महिलाओं से भी सीधे संवाद किया और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से सिलाई सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की मांग पर दोना-पत्तल मशीन, सिलाई कार्य, साबुन निर्माण, स्कूल ड्रेस सिलाई, बर्तन बैंक तथा सेंटरिंग कार्य के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने सहित अन्य सहयोग का भरोसा दिया गया।
धान बेचने वाले किसान 30 सितंबर तक कराएं पंजीयन
कलेक्टर दुदावत ने किसानों से धान विक्रय के लिए समय पर पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि नए किसान अथवा नए पट्टाधारी, रकबे में संशोधन कराने वाले और पिछले वर्ष पंजीयन से वंचित किसान 30 सितंबर तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लें।कलेक्टर ने किसानों से 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील भी की, ताकि सर्वे के पठन के दौरान किसी प्रकार की आपत्ति होने पर समय रहते सुधार कराया जा सके।
निर्माण कार्यों से आगे बढ़कर आत्मनिर्भर गांव बनाने का लक्ष्य
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि खनन प्रभावित गांवों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। जिला प्रशासन का लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, बिजली और आजीविका के अवसरों को मजबूत करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना है।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर सहित जनपद पंचायत के अधिकारी, तहसीलदार, बीईओ, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




