
विकास नंद/सर्वव्यापी
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सैनिकों के सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’ की शुरुआत की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इसे सैनिकों के सम्मान का जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।
मंत्री ने कहा कि सीमाओं पर दिन-रात देश की सुरक्षा में तैनात वीर जवानों का साहस, समर्पण और त्याग हर नागरिक के लिए प्रेरणा है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक भी है।
इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का स्नेह सीधे देश के वीर सैनिकों तक पहुंचेगा।अभियान के तहत प्रदेशवासियों से अपने हाथों से राखी तैयार कर सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखने तथा विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी लिफाफे में रखने का आग्रह किया गया है। यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद और छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक होगी।
हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और पावन मिट्टी से युक्त लिफाफे 30 जुलाई 2026 तक अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
अभियान के तहत एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र पूर्व सैनिक महासभा के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां से उन्हें देश के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।
मंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह पहल देश के वीर जवानों तक यह संदेश पहुंचाएगी कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मजबूती से खड़ा है।




