
सीता बनाफर, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
/ छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बहुचर्चित विधानसभा मरवाही में इन दिनों राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ रहे l जीपीएम जिले का शायद ही कोई ऐसा कोई निजी भूमि स्वामी होगा जो राजस्व विभाग से आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान ना हो l प्रशासनिक और विभागीय उच्च अधिकारियों के लापरवाही की सजा आम नागरिकों को बड़ी कीमत चुकाकर करनी पड़ रही है l न्यायालय और पुलिस विभाग के लंबित मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और आम आदमी आर्थिक और मानसिक रूप से लुटा जा रहा है l सत्ता और विपक्ष मूकदर्शक तमाशबीन बनकर खामोश है l आर.आई. और पटवारी मुख्यालय से रहते हैं नदारत – जीपीएम जिले का ऐसा कोई भी हल्का नहीं होगा जहां आरआई और पटवारी आसानी से समय पर मिल जाते हों l रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण, सीमांकन, फ़ौती नामांतरण जैसे मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं l राजस्व संबंधी कार्य कराने के लिए विद्यार्थियों, किसानों, भू-स्वामियों को पटवारी का कई-कई दिनों तक इंतजार करना और चक्कर लगाना पड़ता है l राजस्व निरीक्षक तो नाम मात्र के निरीक्षक बने हुए हैं l राजस्व विभाग में बिना चढ़ावे के नहीं होता कोई काम- राजस्व विभाग में इन दिनों छोटे से छोटे काम भी बिना चढ़ावे के नहीं हो रहे हैं l एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, आरआई मुख्यालय एवं पटवारी हल्का सभी जगह चढ़ावे के बाद ही काम होता है l राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी किसी भी गरीब -अमीर, नेता-जनता, भूस्वामी-भूमिहीन, पक्ष-विपक्ष, विद्यार्थी-शिक्षक, महिला-पुरुष, बच्चे-बूढ़े से चढ़ावा लेने में भेदभाव नहीं करते हैं l सभी से जमकर वसूली की जाती है l सेवा सेतु केंद्रों में भी लंबित आवेदनों की जांच की आवश्यकता- सेवा सेतु केंद्र संचालकों ने सर्वव्यापी को बताया कि विद्यार्थियों के जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र जैसे गंभीर मामले भी राजस्व विभाग की चपेट में हैं l राजस्व अधिकारी समय पर प्रमाण पत्र जारी नहीं करते और अंतिम नियत तिथि को आवेदन वापस भेज देते हैं l वहीं कुछ चुनिंदा केंद्र संचालकों के आईडी से कुछ घंटे में ही प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं, जिसकी जांच की आवश्यकता है lराजस्व अधिकारियों के सघन निरीक्षण की जरूरत – कलेक्टर ऑफिस से लेकर एसडीएम, तहसील स्तर तक राजस्व मामलों को लेकर प्रतिदिन भू-स्वामियों और किसानों का ताँता लगा रहता है l कुछ मामले निपटने के बाद नियमित रूप से फिर बढ़ जाते हैं l राजस्व अधिकारियों को वतानुकूलित कमरों से बाहर निकल कर सघन दौरा करने की जरूरत है lप्रत्येक पटवारी और आरआई के पास वसूली के लिए तीन-चार गुर्गे तैनात – जीपीएम जिले के हर पटवारी और आरआई के पास वर्तमान में अवैध वसूली के लिए तीन-चार वफादार गुर्गे मौजूद रहते हैं l यही गुर्गे राजस्व संबंधी अनैतिक कार्यों जैसे शासकीय जमीनों की खरीदी-बिक्री, दलाली, फर्जी नामांतरण, फर्जी सीमांकन, फर्जी नक्शा बटांकन, क्रेता, विक्रेता, गवाह और अवैध वसूली में संलिप्त रहते हैं l इन प्रभावशाली चिर-परिचित गुर्गो की पहचान एसडीएम और तहसील कार्यालय से लेकर हल्का नंबर तक सार्वजनिक रहती है l यही गुर्गे वक्त आने पर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले कमजोर शिकायतकर्ताओं, किसानों को धमकाने-चमकाने का कार्य भी करते हैं और यही गुर्गे गांव-गांव में भाईचारा और लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ कर सौहार्द पूर्ण वातावरण खराब करते हैं l बाद में इसका परिणाम पुलिस विभाग को भुगतना पड़ता है l चिंता का विषय यह है कि कई हल्का में भू-स्वामी और किसान इन्हीं अनपढ़ गुर्गो को ही पटवारी समझकर अपना कार्य कराते हैं l जल्द ही सर्वव्यापी एक ऐसे ही भ्रष्ट पटवारी और उसके गुर्गो के काले कारनामों की पोल साक्ष्य सहित खोलेगी l सीएम हेल्पलाइन में भी राजस्व के बढ़ रहे मामले – छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1076 दिनांक 9 जून 2026 से मुख्य रूप से प्रभावी है l इसे लागू हुए दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और राजस्व विभाग के शिकायतों का अंबार सा लग गया है l जिसमें मरवाही तहसील की संख्या भी लगातार बढ़ रही है l मरवाही विधायक से ब्लॉक स्तर पर सीएम हेल्पलाइन सहायता केंद्र खुलवाने की अपील – सर्वव्यापी को मरवाही के कुछ आम जनता ने अवगत कराया कि सीएम हेल्पलाइन नंबर – 1076 के त्वरित निराकरण से आम जनता खुश तो है लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से असंतुष्ट है l कुछ लोगों को कहना है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में विभाग, शिकायत की श्रेणियां, कानूनी और तकनीकी भाषाओं को समझने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है l वहीं हेल्पलाइन पर कॉल करने पर भी अपनी स्पष्ट समस्या रखने में लोगों को परेशानी होती है l मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची से सर्वव्यापी के माध्यम से आम जनता की अपील है की शासकीय योजनाओं से संबंधित मांग एवं शिकायतों के निराकरण के लिए ब्लॉक स्तर पर सीएम हेल्पलाइन सहायता केंद्र संचालित करावें l बहरहाल आगे देखना यह होगा कि राजस्व विभाग से संबंधित समाचार सर्वव्यापी में प्रकाशित होने के बाद जीपीएम जिले के तेज, तर्रार कलेक्टर विजय दयाराम के. के द्वारा क्या सकारात्मक कदम उठाया जाता है l



